जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो...प्रेरणा गीत
ग्राम-छेमागांव जिला-हरदा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार धुर्वे विश्व आदिवासी दिवस पर एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं :
जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो-
आगे-आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो-
तेज दौड़ने वाला खरहा दो पग चल कर हार गया-
धीरे-धीरे चल कर कछुवा देखो बाजी मार गया-
चलो कदम से कदम मिलाकर,दूर किनारे मत बैठो-
नदियाँ चलती,तारे चलते, चाँद रात भर चलता है-
फूलो का उपहार बांटने सूरज रोज निकलता है...
Posted on: Aug 10, 2017. Tags: SHIV KUMAR DHURWE SONG VICTIMS REGISTER
वे ना तोरे रे रे ना रे रे नैय रे राजा महादेव जी...गोंडी सुमिरन गीत
ग्राम-छेमागाँव, तहसील-रेहटगांव, जिला-हरदा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार धुर्वे गोंडी भाषा में एक गीत सुना रहे हैं :
वे ना तोरे रे रे ना रे रे नैय रे राजा महादेव जी-
रे न तो रे न रे ना-
बेगा टा नि वाय ठा नाय रो राजा महादेव जी-
पंचमढ़ी चौरा तानि वाय ठाना रो राजा महादेव जी...
Posted on: Aug 10, 2017. Tags: SHIVKUMAR DHURWE SONG VICTIMS REGISTER
डिमक-डिमक डिम डमरू बजावै...शिव भजन
शिवांशी शंकर ,रामबाग मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक शिव भजन सुना रही हैं:
डिमक-डिमक डिम डमरू बजावै-
उमा संग शिव कैलाश पर नाचे-
ऊं नम: शिवाय...
जटाजूट में गंग विराजे-
गले भुजंग की माला साजे-
एक हाथ में शूल लिये हो-
दूजे कर में डमरूधारी-
ऊं नम: शिवाय...
पतितों के पावन करते हो-
सुख देकर दु:ख को हरते हो-
शरणागत हूं मैं आज त्रिपुरारी-
सदा रहो मेरे डमरूधारी-
ऊं नम: शिवाय...
Posted on: Jul 15, 2017. Tags: SONG Shivansi Shankar VICTIMS REGISTER
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं...प्रेरणा गीत -
ग्राम-पाली, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिवकुमार द्विवेदी एक गीत सुना रहे हैं :
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं-
जो पराये दर्द अपनाये उसे इंसान कहते हैं-
जो गिरकर भी सभर जाए उसे इंसान कहते हैं-
जो झूठ से भी बच जाए उसे इंसान कहते हैं-
जो हम दिव्यांगो, दृष्टिबाधितों को अपनाए उसे इंसान कहते हैं-
घृणा मत करो मन में हम भी एक इंसान कहलाते हैं-
जो किसी के काम आ जाये उसे इंसान कहते हैं...
Posted on: May 19, 2017. Tags: SHIV KUMAR DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे...बघेली गीत
ग्राम-पाली, पोस्ट-जामुह, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार द्विवेदी बघेलखंडी भाषा में एक गीत सुना रहे है :
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
घुमत बनिना तो, घुमत बताई दे-
हार बनवाई दे, चेन दिलवाई दे-
पहिनत बनिना तो, पहिन के बताई दे-
चला गौरी तोहका, बजरिया घुमाय दे-
होटल देखाई दे, बजरिया घुमाय दे-
चुनरी देवाई दे, साड़ी देवाई दे...
