पानी गिरे अषाढ़ खेती करा हो किसान...किसान गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया खेती पर एक गीत सुना रहे हैं :
पानी गिरे अषाढ़ खेती करा हो किसान-
नगर जोत के है जमीन ला सीध करे-
कोदो कुटकी बुने बर जीरा धान-
खून पसीना बहे खेती के कराई में-
ओही मा जियत हवे सबके परान...

Posted on: Jun 12, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

ये हाए खेती करा हो किसान...खेती किसानी गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया कृषि पर एक गीत सुना रहे हैं :
ये हाए खेती करा हो किसान-
पानी गिरे है खेती करा हे किसान-
नगरा जोत के जमीन ला सीध करे-
कोदू कुटकी बुने है और बुने है धान-
गिरे है अषाढ़ खेती करा हे किसान-
ये हाएं खेती करा हो किसान...

Posted on: Jun 12, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

स्टेट बैंक 10 बजे खुलता है और कर्मचारी 11 बजे लंच करने चले जाते हैं फिर 3 बजे वापस आते हैं...

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि ग्राम चंदोरा में स्टेट बैंक है जिसमे बहुत सारे गावं जुझावल, टूटीझरिया, बुडूपानी आदि बहुत दूर-दूर से लोग लेन-देन करने आते हैं जिसमे मनरेगा और अन्य मजदूरी का पैसा भी पड़ा होता है लेकिन बैंक 10 बजे खुलता है और कर्मचारी 11 बजे भोजन अवकाश के बहाने चले जाते है और तीन बजे वापस आते हैं जिससे लोगो को बहुत परेशानी हो रही है इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि कृपया इन अधिकारियों को फोन कर ग्रामीणों की मदद करें SDM@09424166557, बैंक संचालक@09406129250, 9926956546. कैलाश पोया@9753553881.

Posted on: Jun 09, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

बेहद चन्दा गन्दा है, लड़का सचमुच गन्दा...बाल कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया कविता सुना रहे हैं :
बेहद चन्दा गन्दा है,लड़का सचमुच गन्दा-
हँसता है तो ऐसे जैसे आसमान का चंदा है-
रोता है तो ऐसे जैसे और नहीं कुछ धंधा है-
चुप करने की हर कोशिश पर देता फेर वो रमदा है-
वैसे तो आजकल सभी का वक्त चल रहा मंदा है-
इसके कारण नाना जी का चौपट सारा धंधा है...

Posted on: Jun 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...दमकच गीत

ग्राम-देवरी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छतीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सरगुजिहा भाषा में एक दमकच गीत सुना रहे है :
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे-
तील चोह बुकारा कहा, कहा आवो रे संगी आवो रे बारा-
माहेर माहेल ऐ जारे चोला, आवले बाराती नी रे आवले बारात-
क क रे आवहे रे, तील चोह बुकारा काह करा आवहे रे...

Posted on: Jun 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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