स्वास्थ्य स्वर : पाचन शक्ति ठीक करने का घरेलू नुस्खा-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी पाचन शक्ति ठीक करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जीरा 50 ग्राम, शौफ 50 ग्राम, काली मिर्च 30 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें, एक-एक चम्मच चूर्ण भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करें लाभ हो सकता है, अधिक जानकारी के लिये संपर्क सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Feb 13, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : खासी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी खासी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अनार की छाल को छाव में सुखाकर रख लें और उसका चूर्ण बना लें, उसके बाद आधा चम्मच चूर्ण एक गिलास पानी में उबालें जब पानी एक कप बचे उसमे
एक चुटकी पिसा कपूर डालकर गुनगुने रहने पर सेवन करें, दिन में दो बार सेवन करें, लगातार आराम मिलने तक उपयोग कर सकते हैं, ठण्डी और खट्टी चीजों से बचे, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Feb 13, 2020. Tags: CG HD GANHDI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा...देशभक्ति गीत-
ग्राम पंचायत-बाखरा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से चम्पा यादव एक देशभक्ति गीत सुना रही हैं :
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा-
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा-
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गवाये-
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये-
ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी-
जो शहीद हुये हैं उनकी ज़रा याद करो क़ुर्बानी...
Posted on: Feb 13, 2020. Tags: CG KONDAGAON SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
क्या फूल चढ़ाऊँ मैं प्रभु के चरणों में...गीत-
ग्राम-बड़ेउसरी, पंचायत-जोबा, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) से सुकबती, अनीता, हेमबती और करीना एक गीत सुना रहे हैं :
क्या फूल चढ़ाऊँ मैं-
प्रभु के चरणों में-
कहाँ क्या चढ़ाऊँ मैं-
मैं ये समझ न पाऊं-
मुझे बताओ प्यारे प्रभु-
क्या बदल है मेरे प्रभु-
उसे तोड़ लाओगे-
उसे चुन लाओगे-
क्या फूल चढ़ाऊं मैं...
Posted on: Feb 13, 2020. Tags: CG KONDAGAON SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER
कान्हा तेरी ये बंशी पागल कर जाती है...गीत-
ग्राम-घोडागाँव, ब्लॉक, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) से लखेश्वरी सेठिया एक गीत सुना रही हैं:
कान्हा तेरी ये बंशी पागल कर जाती है-
तुम बाँस की होकर भी हमको तड़पाती है-
तुम सोने के होते तो तुम क्या करते बंशी-
कान्हा तेरी ये बंशी पागल कर जाती है-
तुम सोने के होते तो तुम क्या करते बंशी...
