आज धरती माँ अपने तक़दीर पर रो रही है...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
आज धरती माँ अपने तक़दीर पर रो रही है-
जिन्हें खोया उन्हें खोज रही है-
काला बाजारी मक्कारी भी शरमा रही है-
आँखों ही आँखों में आंसू बहा रही है-
हैवानियत को सीमा पार हो गई है-
अस्मत के लुटेरो का बाजार हो गई-
आज धरती माँ अपने तक़दीर पर रो रही है...
Posted on: Jun 02, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
Today's news from newspapers in Gondi :2nd June 2018 -
नईदिल्ली : आधार और पासपोर्ट को लेकर आज से लागू हुई यह व्यवस्था, जरूर जान लीजिए – नईदुनिया – मध्यप्रदेश : गांव बंद आंदोलन आज से, किसान संगठन और सरकार आमने-सामने -दैनिक भास्कर – मध्यप्रदेश : जमीन का हक नहीं दिया तो देंगे धरना, साैंपा ज्ञापन -दैनिक भास्कर – भिलाई आए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विजय बोले नक्सलियों का खात्मा करने चार राज्य मिलकर चलाएंगे ज्वाइंट ऑपरेशन – दैनिक भास्कर – कवर्धा :पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर, कवर्धा में पहली बार हुआ एनकाउंटर – दैनिक भास्कर -
Posted on: Jun 02, 2018. Tags: GONDI GONDI NEWS RAMESH KUNJAM NEWS
कोने फूला माता चारी पहारा राती...भजन गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक भजन गीत सुना रहे हैं:
कोने फूला माता चारी पहारा राती-
हे दाई कोने फूला फूलें भिनु सार हो माई-
सेवा ला लेले ना रैनी गे हैं दाई-
हे दाई कोने फूला फूलें भिनु सार हो माई-
सेमर हर फूलें माता चारी पहारा राती-
हे दाई बेल हर फूलें भिनु सार हो माई-
सेवा ला लेले ना रैनी गे हैं दाई...
Posted on: Jun 02, 2018. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
ओप्पो के मोबाइल में टुरी, जिओ के सिम लगा लेना हो...छत्तीसगढ़ी मोबाइल प्रेम गीत
ग्राम-दुर्लापुर, थाना-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी चंदेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
ओप्पो के मोबाइल में टुरी-
जिओ के सिम लगा लेना हो-
अरे तोर मोर बात हो जाई दिन रात हो-
विडियो कॉल करके टुरी-
करत रही दो-दो बात हो-
एक दूसरे के चेहरा ला देखत रहे दिन रात हो-
ओप्पो के मोबाइल में टुरी-
जिओ के सिम लगा लेना हो...
Posted on: Jun 02, 2018. Tags: LAXMI CHANDEL SONG VICTIMS REGISTER
मन की वीणा सी गूंजती...स्वागत गीत
ग्राम -गुर्धराज, पंचायत-करचोका, जिला -कोरिया छत्तीसगढ़ से महेश सिंह मरकाम के साथ स्कूल की एक छात्रा है जो एक स्वागत गीत सुना रही है:
मन की वीणा सी गूँजती बनी मगलम-
स्वागतम-स्वागतम-स्वागतम-
सा रे गा मा गा रे-
कैसा पावन सुहावन समय आ गया है...

