कौआ और भैंस की एक कहानी: कुआ भैंस की पीठ पर क्यों बैठता है? (गोंडी भाषा में)
ग्राम-चाचड़, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कंचन वड्डे गोंडी भाषा में कहानी सुना रही है : एक पेड़ के ऊपर कौआ बैठा था नजदीक ही एक खेत में पानी पीने एक भैस आया कौआ बोला भैसा भैया मै भी आपके जैसा ही पानी पी सकता हूँ उसके ही बगल में दो खेत में पानी भरा था दोनों ने कहा एक-एक खेत का पानी पीना तय हुआ दोनों पानी पीना शुरू कर दिया थोडा सा पानी छोटा कौआ तक गया परन्तु हिम्मत नहीं हारा कुछ ही समय में खेत मालिक आया और जिस खेत का पानी को कौआ पी रहा था उसी खेत को फोड़ दिया पूरा खेत खाली हो गया कौआ बहुत खुश हुआ! पानी मैंने पी लिया!और भैस हार गया तब से भैसा के पीठ पर कौआ बैठ रहा है!
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: KAHANI KANCHAN WADDE
तेना रे मरमा आयो हेलो ले...गोंडी गीत
ग्राम-चाचड़, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोमे कोवाची के साथ गीता नुरुटी, ज्योति दुग्गा बिन्देश्वरी दुग्गा, सुनीता कुमरा और आशा दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रेला रे रेला रे रेला रेला रे रे लोयो रेला-
तेना रे मरमा आयो हेलो ले-
गीसी ता मंडा मर्मिना मंडा-
वाट बाई मंडा येंद्काट-
हेलो ले वाट इगा येंद्काट रेला पाटा-
.कुसुम ता मंडा मर्मिना मंडा-
वाट बाई मंडा येंद्काट-
हेलो ले वाट इगा येंद्काट रेला पाटा...
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GEETA NURUTI SOME KOWACHI SUNITA DUGGA
यायो पोसल परा के बाबा पोसल पार के, सोने गए पिंजरानू रा...कुडुक गीत-
ग्राम-रामपुर, प्रखण्ड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से नीलिमा टोप्पो कुडुक भाषा में एक गीत सुना रही हैं जो नया अनाज खाते समय गाते हैं ये गांव में एक रिवाज है जो किसान खेती के बाद साल में एक बार करते हैं :
यायो पोसल परा के बाबा पोसल पार के, सोने गए पिंजरानू रा-
हाए रे रूप गए पिंजरानू रा-
हको गा पड़ा के पिंजरत नोर के, सेवा लानो नो के-
जनम जोगा के रोय का ना ला रे-
हको गा पड़ा के जनम जोगा के रोय का ना ला...
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: GANESH AYAM SONG VICTIMS REGISTER
इसी में जीना प्यारो इसी से मरना इसी में सब कुछ करना है...गीत
ग्राम-होरागट, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से सागर एक्का और मनीषा कुमारी भजन गीत सुना रहें है:
इसी में जीना प्यारो इसी से मरना इसी में सब कुछ करना है-
स्वर्ग और पृथ्वी को ईशु ने बनाया प्रभु की महिमा हो-
इसी में जीना प्यारो इसी से मरना इसी में सब कुछ करना है-
आदम और हवा को ईशु ने बनाया प्रभु की महिमा हो-
नदी और नाला को प्रभु ने बनाया प्रभु की महिमा हो-
इसी में जीना प्यारो इसी से मरना इसी में सब कुछ करना है...
Posted on: Jul 12, 2018. Tags: MANISHA KUMAR SAGAR EKKA SONG VICTIMS REGISTER
प्यारा भारत यही हिमालय सा पहाड़ है यही गंग की धारा है...कविता-
ग्राम-नतापोल, पोस्ट-टोंगो, थाना-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से मनोज सिह एक कविता सुना रहे हैं:
प्यारा भारत यही हिमालय सा पहाड़ है यही गंग की धारा है,
यमुना लहराती है सुंदर भारत कितना प्यारा है-
फल फूलो से भरी भूमि है, खेतो में हरियाली है-
आमो की डाली में बैठी, गाती कोयल काली है-
बच्चो माँ ने तुम्हे पाल पोसकर बड़ा बनाया है-
यह मत भूलो तुमने कि अन्न कहां का खाया है...
