रे रे ला रे ला रे रे ला रे ला रे रे रे ला रे रे रे ला...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-तारगुड़ा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरोली, महाराष्ट्र से लक्ष्मी देवी और दत्ता नरोटे एक गोंडी गीत गा रही हैं. यह गीत आदिवासी समाज में शादी के समय गाया जाता है :
रे रे ला रे ला रे रे ला रे ला रे रे रे ला रे रे रे ला-
जाती रे बाती पे पोरों ये लो – मेटा ता पावुड़ पीड़सोरे मन्ता-
नाटे ना ले या वाय सो रे मन्ता-
जाते रे बाते पे पोरों ये लो...
Posted on: Jul 14, 2018. Tags: Laxmi Devi
गाँव-गौरा समाज टेढ़ा गी बोहारे हो...छत्तीसगढ़ी बायर गीत
ग्राम-वनबाँधा, ब्लॉक-पाली, जिला-कोरबा, छत्तीसगढ़ से हरदावन सिंह उइके छत्तीसगढ़ी भाषा में एक बायर गीत गा रहे हैं, जो देवी की अर्चना-पूजा के समय गाया जाता है :
गाँव-गौरा समाज टेढ़ा गी बोहारे हो-
इहाँ के ठाकुर देव जौकी लेइ जोहारे हो-
इहाँ के मरकी माता जौकी लेइ जोहारे हो-
इहाँ के बैगिन-बैगा जौकी लेइ जोहारे हो-
गाँव-गौरा समाज टेढ़ा गी बोहारे हो-
इहाँ के ग्राम जाता जौकी लेइ जोहारे हो...
Posted on: Jul 14, 2018. Tags: Hardawan Singh Uike SONG VICTIMS REGISTER
मोरे भारत माँ के माट्टी, जेकर हवे जबर छाती...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-दमकसा, तहसील-दुर्गुकोंडल, जिला-कांकेर (उत्तर बस्तर ), छत्तीसगढ़ से शिवलाल उसेंडी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मोरे भारत माँ के माट्टी, जेकर हवे जबर छाती-
जे ला काथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना-
इहां देवधामी के डेरा, मनावें गौरी-गौरा-
ठाकुर देव के बसेरा, सबो घर तुलसी चौरा-
इहां तैंतीस कोटि के देवता हैं बड़ भाई-
जे ला कथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना-
बोवें कोदो-कुटकी, खावें महुआ घुघुरी-
खेलेबर लइका फुगरी, इहाँ खेलत हौवें लइका-दुदवा माटी-
जे ला कथेगा भइया, छत्तीसगढ़ महतारी ना...
Posted on: Jul 14, 2018. Tags: SHIVLAL USENDI SONG VICTIMS REGISTER
पो या नो नो नाले रानडे पो यो पोया...गोंडी हुलकी गीत
ग्राम-मासनंदी, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से सुनील सलाम गाँव की महिलाओं द्वारा गाए जा रहे गोंडी गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. आदिवासी समाज में यह गीत हुलकी नृत्य करते हुए दीपावली के अवसर पर गाया जाता है:
बचम पड़े पायो नारम गेले-
पो या नो नो नाले रानडे पो यो पोया-
बारिम-बारिम बुडिया नो नोम ना ले...
Posted on: Jul 13, 2018. Tags: SUNIL SALAM
योरा बोडा मडमा, योरा बोडा मडमा...गोंडी विवाह गीत
ग्राम-चाचड़, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उमेश्वरी दुग्गा और कंचन वड्डे एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे हैं:
रे रे लयो रेला रे रे लोयो रेला रेला रे लोयो रेला-
योरा बोडा मडमा, योरा बोडा मडमा-
झिमिर-झिमिर टंडा मोदुन लेवा टंडा रो-
तोया काय किरा सुंदर लेवा साय-
जाति बाति लयोर जाति बाति व्यवोर-
झिमिर-झिमिर टंडा मोदुन लेवा टंडा रो...
