हायरे मैना कांदोते कोशी लानी...झारखंडी लोक गीत
ग्राम-कुरूमगढ़, पंचायत-बमन्दा, प्रखंड-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से बेचेन देवी एक लोकगीत सुना रही हैं:
हायरे मैना कांदोते कोशी लानी-
श्री राम श्री राम गे नई बनो वानसे रे-
गंजा के मोल मोल घरे राखते-
गंजा के मोल के घरे छोड़ राखते-
सराई पतई चोंघी तो बनाइले रे-
हायरे मैना कांदोते कोशी लानी...
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: BECHEN DEVI SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में बिजली अक्सर नहीं रहती, हम लोगो की पढाई नहीं हो पाती, कृपया मदद करें...
सीजीनेट जनपत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-किन्हारी, पंचायत तिन्वारी तहसील-अंतागढ़, जिला- कांकेर (छत्तीसगढ़) में है वहां से संगीता गावड़े बता रही हैं कि उनके गांव में बिजली की बहुत समस्या है उनके गाँव में अक्सर बिजली नहीं रहती है परीक्षा के समय बहुत दिक्क्त होती है | दिया और लालटेन का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ता है. उनका कहना है कि उनके गाँव में बिजली निर्धारित समय पर दिया जाये ताकि पढाई हो सके| इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर सही समय में बिजली दिलवाने में मदद करें: C.E.O@9953924884.संगीता गावडे@9406412149.
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: ELECTRICITY SANGEETA GAWDE SONG VICTIMS REGISTER
तिमा नामोर नानोरे ये नाना रे...गोंडी हुलकी गीत
रायपुर (छत्तीसगढ़) से सनोती कावडे एक गोंडी गीत सुना रही है, इस गीत को दीपावली के महीने में गाया जाता है और इस गीत को हुलकी गीत भी कहते है:
तिमा नामोर नानोरे ये नाना रे-
तिमा नामोर नानोरे ये नाना रे-
जावा हल्की किमुरोय ये हेलो झेलो-
नीमा बेके दाकिरा ये दादा झेला-
हिप्या पिटे जोड़ी रोय ये हेलो झेलो-
जोड़ी परकी दाकरोय ऐ हेलो झेलो-
नन्ना वायकारा ये दादा झेला-
हरदे बोरतो कल्यानुर ये हेलो झेलो-
आड़ इवूर एन्दानुर ये हेलो झेलो-
पुनलेर मानेय कल्यानुर ये दादा झेला-
हेलाड इवुर एन्दानुर ये दादा झेला-
तीना नामोर नानोर ये नानोरे...
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: GONDI GEET SANOTI KAWDE
गोंडो में वधु को कुल वधु माना जाता है, पति के देहांत के पश्चात् भी वह विधवा नही होती है...
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल नेटी गोंडी विवाह और उनके नियमो के बारे में बता रहे हैं- 1.गोंडो में सम-सम सगाओ और सम-सम गोत्र न हो और सम कुल चिन्ह धारको में विवाह वर्जित है| 2.गोंडी विवाह भुमका बैगा द्वारा कराये जाते हैं| 3.गोंडी में नारी को एक शक्ति रूप में माना जाता है इसलिए कन्या के लिए वर की तलाश नही की जाती है, बल्कि वर वधु दोनों की तलाश की जाती है| 4.गोंडो में दहेज की प्रथा नही है 5. गोंडो में वधु को कुल वधु माना जाता है पति के देहांत के पश्चात् भी वह विधवा नही होती है, बल्कि पति के कुल की वधु वह हमेशा बनी रहती है यदि उसका देवर है तो उससे चोली या चूड़ी पहन सकती है| 6.गोंडो में विवाह हेतु वधु पक्ष वर पक्ष के घर बारात लेकर जाते हैं| 7.गोंडो में सिंदूर लगाना, दहेज लेना तथा बाल विवाह का रिवाज नही है. 8.गोंडो में अपने लड़के के मामा की लड़की में से शादी कर सकते हैं| 9. बहु पत्री विवाह. 10.गोंडो में नारी को व्यक्तित्व विकास का अवसर प्राप्त होता है. 11.गोंडो में विवाह के फेरे दाएं से बाएं करते हैं, शव को दफनाने की प्रथा है| 12. गोंडो में तीन दिन में मृतक परिवार तिहरी कर घर का काम कर सकते हैं, पूजन के लिए पेड़ चबूतरा आदि होता है, जन्म संस्कार स्वयं परिवार के लोग करते हैं, देवी, जवारा, अका पूजा, विविदरी पूजा, हरेली आदि उनके त्यौहार है| बाबूलाल नेटी@7582847617.
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
बरते चंदयनी असन टिकलीया तोर माथ मा...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत-कोट्या, थाना-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
बरते चंदयनी असन टिकलीया तोर माथ म-
तेहा मोर नाव लिखा दे गोरी तोर हाथ मा-
बरते चंदयनी असन टिकली तोर माथ म-
कनिहा ले गोरी बेनी तोर झूलते है-
देख के घेरी भेरी चोला मोर फुल्सथ है-
बरते चंदयनी असन टिकली तोर माथ मा...
