स्वास्थ्य स्वर: हिचकी ठीक करने का घरेलू उपचार...
ग्राम-घोंघा, थाना-बोड्ला, तहसील-बोड्ला, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगत राम लांझी हिचकी को ठीक करने का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि हिचकी आने पर परसा (पलाश) के पत्ते को चिलम (बीडी) जैसा बनाकर उसमे राहर (अरहर) के पत्तों को तम्बाखू के जगह भरकर पीने से हिचकी से आराम मिलता है, यदि अरहर के पत्ते उपलब्ध नहीं है तो इसके स्थान पर चने के पत्ते को भी इसी तरह उपयोग किया जा सकता है | ये औषधि हमारे वातावरण के आस-पास ही उपलब्ध हो जाती है यह उपचार बिना कोई खर्चा किये घर में ही किया जा सकता है |अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर@7389964276.
Posted on: Aug 29, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJHI CG HEALTH KABIRDHAM SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: मक्के का पेज बनाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है, गाय के लिए भी बहुत उपयोगी...
ग्राम तोरखुडु, पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से पांडुराम कतलामी बता रहे हैं कि वो लोग मक्का की खेती किस प्रकार करते है और उसके उपयोग के बारे में भी बता रहे है: वे कह रहे हैं कि हम लोग मक्का उगाने के लिए सबसे पहले हल चलाते है उसके बाद मक्का के बीज को बो देते है | जब मक्का थोड़ा बड़ा हो जाता है तब हम मक्के के साथ जो घास उगता है उसको उखाड़ कर फेक देते है (निदाई करते है) जब मक्का खिल जाता है (फल जाता है)तब हम मक्का के पत्ती को काट कर गाय बैल को खिलाते है इससे गाय भैंस स्वस्थ रहता है और बहुत दूध देती है हम मक्का को भूंज कर भी खाते है और उसका पेज बनाकर पीते है जिससे गर्मी के मौसम में राहत मिलती है |
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG HINDI KANKER PANDURAM KATLAMI AGRICULTURE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: खाद वाला धान खाकर लोग बीमार पड़ रहे, पहले ऐसा नहीं था: 90 वर्ष की गीलोबाई...
ग्राम-माड़ पखानजुर, पंचायत-उलिया, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ गाँव की 90 साल की बुज़ुर्ग महिला गीलो बाई हैं वे पने जीवन के बारें गोंडी भाषा में उनको बता रही हैं कि पहले ज़माने में शुद्ध खाना मिलता था, जंगल में बहुत सारी वनस्पतियां जैसे कन्दमूल, फल आदि भी मिलता था जो आज नहीं है | वे कह रही हैं कि पहले के समय में हम लोग कम बीमार पड़ते थे खुद मेहनत करके खाते थे और कोदो कुटकी की बहुत ज्यादा कमाई होती थी और कई किसानों के घरों में अनाज हुआ करता था पर अब खाद वाला धान मिलता है जिससे लोग बीमार पड़ रहे है और परेशान हैं | उस भोजन में स्वाद भी होता था अभी के भोजन में स्वाद भी अच्छा नहीं है...
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CHHATTISGARH GEELO BAI GONDI KANKER VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर : दस्त का घरेलू उपचार -
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी दस्त का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि दस्त होने की स्थिति में सौंफ 50 ग्राम, जीरा 50 ग्राम, बेल का गूदा 50 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम ले, उसके बाद सौंफ और जीरा को अलग-अलग भूनकर चूर्ण बना लें, बेल के गूदा का भी चूर्ण बना लें और अंत में सभी को सेंधा नमक के साथ मिलाकर रख लें, उसके बाद दस्त पीड़ित व्यक्ति दिन में दो बार खाने के बाद मठा या पानी के साथ सेवन करें इससे लाभ हो सकता है, दाल चावल की खिचड़ी का सेवन करें, तेल खटाई गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@91110613099.
Posted on: Aug 22, 2018. Tags: CHHATTISGARH HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : फिटकरी से गले के खरास और टांसिल का घरेलू उपचार-
भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू फिटकरी के प्रयोग से मुंह के छाले, गले की टांसिल और खरास आदि का घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि जो साथी ऐसी समस्या से परेशान है, वे फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा लेकर दो दिन चूसे इससे आराम मिल सकता है, भोजन में तेल, मसाला, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें, अधिक खरास हो तो गर्म पानी के साथ में नमक मिलाकर गरारा करें, ठण्डी चीजो का सेवन न करें, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, वे कह रहे हैं कि हमारे आसपास ऐसी अनेक चीज़ें और वनस्पतियां हैं जिनके बारे में जानकार और उनके उपयोग से हम बगैर दवा के स्वस्थ रह सकते हैं : अमित साहू@8964931287.
