हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे, गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी...गीत
गांव जेल्हा पारा, पंचायत-पासल, पोस्ट-बिहारपुर,ब्लॉक-ओड्गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जियन सिह एक गीत सुना रहें है:
बचावा दादा रे, बचावा भैया ओ-
गोंडवाना भुईयां ला बचावा दादा जी – हमर जन्म भुईया ला बचावा दादा रे-
बचावा दीदी वो बचावा भैया वो बनावा दादा जी-
गोंडवाना राज्य लौटावा भईया रे-
बचावा बैया वो बचावा बाबू वो बचावा दादा रे-
जनम-वनम भुइयां ला बनावा दादा रे...
Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG JIYAN SINGH PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
टेंगया वाले टेंगया ला दर के कंधा मा ओला ला सजावत हे...गोंडवाना गीत
ग्राम-पंजीडर से आलोक प्रताप सिह आयाम छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
टेंगया वाले टेंगया ला दर के कंधा मा ओला ला सजावत हे – कंधा मा ओला ला सजावत हे – धनि वाले धनि ला दर के तेल ला ओला लगावत हे-
तेल ला ओला लगावत हे – जागात हे जगात हे जी – पावन गढ गढया-
ओदे जागात हे – जागात हे जगात हे जी-
पावन गढ गढया...
Posted on: Aug 26, 2018. Tags: ALOK CHHATTISGARHI SONG PRATAP SINGH SONG VICTIMS REGISTER
रे रेला रे रेला रा ला रे रेला, रे रेला रे रेला सैरेला रे रेला...गोंडी गोटुल गीत
जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से लोकप्रताप सिंह एक गोंडी गीत सुना रहे है, जिसमे गीत के माध्यम से प्रेमी अपनी प्रेमिका से गोटुल में श्रृंगार करके आने और एक सांथ नाचने गाने को कहता है :
रे रेला रे रेला रा ला रे रेला, रे रेला रे रेला सैरेला रे रेला-
हुलन करी ला नाना वायना, कुरन करी ला मना वायना-
नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे-
जितम करी लो नना वायना, नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे-
इन्देना करदेना नाटे गोटूल दायना,नाटेना गोटू दे नाटेना गोटू दे...
Posted on: Jul 29, 2018. Tags: GONDI SONG LOKPRATAP SINGH
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं...कविता-
ग्राम-करौंटी, पोस्ट-बिहारपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवप्रताप सिंह एक कविता सुना रहे हैं :
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं-
अब अंधेरे को हटाना चाहते हैं-
हम सबो को सम बनाना चाहते हैं-
सब बराबर पर बिठाना चाहते हैं-
जो वहां सोना उगना चाहते हैं...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: DEVPRATAP SINGH SONG VICTIMS REGISTER
माटी होही तोर चोला रे संगी, माटी होही तोर चोला...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत-कुप्पा, पोस्ट-लांजित, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रामप्रताप सिह श्यामले एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
माटी होही तोर चोला रे संगी, माटी होही तोर चोला-
माटी ले उपजे माटी मा बाढ़े, माटी मा मिलना तोला रे संगी-
माटी के घर मा माटी के भुईयां-
लाख जतन करे माटी के दुनिया-
बड़े-बड़े मन नई बाचिस रे, कोन कहे अब तोला रे संगी माटी होही तोर चोला-
चरेच दिन के सुग्घर मेला, आंखी में सब हैं माटी के ढेला...
