जीसस पावर सूपर पावर...गीत-

ग्राम-पंजिगुडा, तहसील-कोंटा, जिला-सुकमा (छत्तीसगढ़) से प्रेम मसीह एक गीत सुना रहे हैं:
जीसस पावर सूपर पावर-
क्या क्या हुमका राजा स्कूल-
च चमकता तारा स्कूल-
जीसस पावर सूपर पावर-
क्या क्या हुमका राजा स्कूल-
च चमकता तारा स्कूल...

Posted on: Jan 28, 2020. Tags: CG KONTA PREM MASIH SONG SUKAMA VICTIMS REGISTER

हमें वनों को बचाना चाहिये, जिससे आगे भी हम इसका लाभ ले सकें-

ग्राम-घुडूपानी, पंचायत-गोरगी, पोस्ट-डिज़ावल, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से प्रेमसाय यादव बता रहे हैं| उनका जिला जंगल और पहाड़ से घिरा है| जंगल से वे अपनी आवश्यकता की चीजें प्राप्त करते हैं| इसके साथ ही दवा के लिये जड़ी बूटी और खाने के लिये फल प्राप्त होते हैं| वहां पर मिलने वाले में उपजो में तेंदू, चार, इमली, हर्रा, बहेरा, महुआ, आवला, बर, पीपल शामिल हैं | जंगल से शुद्ध हवा मिलती है| हमें जंगलो को बचाना चाहिये| जिससे हम आगे भी वन्य संपदा का लाभ ले सकें, और अपने वतावरण को शुद्ध रख सके|

Posted on: Apr 29, 2019. Tags: AWARNESS CG PREMSAI YADAV SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

सुन रे भईया सीजीनेट के सुनईया...सीजीनेट गीत-

सीजीनेट के साथी प्रेमसाय आयाम एक सीजीनेट गीत सुना रहे हैं :
सुन रे भईया सीजीनेट के सुनईया-
सीजीनेट सुनईया भईया एला झन भुलईहा-
सीजीनेट हवे सबो के समझईहा-
गांव-गांव में जाथे भईया-
सब के समस्या ला सुने भईया-
सीजीनेट सुनईया भईया एला झन भुलईहा...

Posted on: Apr 10, 2019. Tags: PREMSAI AYAM SONG VICTIMS REGISTER

मिरगा नाभि में कस्तूरी खोजे जंगल सगरी...भजन-

ग्राम-फतेपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से प्रेमचंद कांसी एक भजन सुना रहे हैं:
मिरगा नाभि में कस्तूरी खोजे जंगल सगरी-
आज मनुष्य के उहै हाल बा जाने न कट गेंदरी-
प्रभु जी सबके भीतर बानी आइसत नगरी-
महापुरुष कलयुग में भैया ज्ञान सहज अबरी-
आज दुनिया में सगरी जाके बेलन घट भितरी-
जाति धरम के बात करत है मानुष एक सगरी-
सभी प्रेमी गुरु चरण में गीरल बा पगड़ी...

Posted on: Jul 25, 2018. Tags: BALRAMPUR CHHATTISGARH PREMCHAND KANSI SONG VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव का नाम डुमरकोट कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी

सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के दौरान ग्राम-डूमरकोट, पंचायत-भैंसासुर, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गांव के निवासी प्रेम सिंह मंडावी, दिलीप कुमार बघेल और अनूप मंडावी अंकित पडवार को उनके गांव के नाम के पीछे क्या कहानी है, इसका नाम डूमरकोट कैसे पड़ा, बता रहे हैं उनका कहना है हमारे गांव में कई वर्ष पहले डुमर के बहुत सारे पेड़ थे, डुमर एक फल होता है जो मीठा होता है, उसे खाते है, पेज भी बना कर पीते हैं, ये 12 महीने लगता है, उसी को देखकर पूर्वजो ने गांव का नाम डुमरकोट रखा और आज भी उसी नाम से जाना जाता है| अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Jun 21, 2018. Tags: PREM SINGH MANDAAVI DILIP KUMAR BAGHEL SONG VICTIMS REGISTER

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