सरू सरे तेले चढाई...शादी गीत-
ग्राम पंचायत-कांगा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से हेमवती दीवान एक शादी गीत सुना रही हैं:
सरू सरे तेले चढाई-
दादी हो कि तेले चढ़ाई-
या या भभाचो भाई-
है दादी भभा चो बाढ़े-
बाजा बाजे गा कि ढांग गा बाजे...
Posted on: Mar 04, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON SONG
हजारी फूले न तुलसी माय चो सेवा...हल्बी गीत-
ग्राम-पंचायत रेंगागोंदी, ब्लॉक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से राजे, गुंदई, गोमती एक हल्बी बोली में कीर्तन सुना रहे हैं:
हजारी फूले न तुलसी माय चो सेवा-
हो श्याम-सुंदरी मैना ले ले उदारी – गोंदा फूले न तुलसी माय चो सेवा-
हो श्याम-सुंदरी मैना ले ले उदारी-
किशन फूले न तुलसी माय चो सेवा-
हो श्याम-सुंदरी मैना ले ले उदारी-
करा फूले न तुलसी माय चो सेवा-
हो श्याम-सुंदरी मैना ले ले उदारी...
Posted on: Mar 02, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON SONG VICTIMS REGISTER
पुल नहीं होने से आने जाने में दिक्कत होती है...
ग्राम-आदनार, ब्लाक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से गुदलूराम, तालूर, लक्ष्मण, झगडूराम बता रहे हैं, उनके पंचायत में एक नदी है जिसमे पुल की समस्या है, पुल नहीं बने होने से उन्हें आने जाने में दिक्कत होती है, उन्होंने पुल बनवाने के लिये आवेदन दिया है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर बात कर नदी पर पुल बनवाने में मदद करें : संपर्क नंबर/ कपिल देव@7745973017. कलेक्टर@9425598888, SDM@8827662723, ब्लाक CEO@7247497636, सचिव@9111193351.
Posted on: Feb 29, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGANON PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
ऊँची नीची काय दादा मन के नीचू काय...गीत-
ग्राम-पुसपाल, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से कुमारी शुभद्रा, सुनीता एक गीत सुना रहे हैं:
ऊँची नीची काय दादा मन के नीचू काय-
सुंदर जीवना जीव ता काले तिवतनवा काय-
रुख राई हरा भरा चिव तो सोजय न – ऊँची नीची काय दादा मन के नीचू काय-
अरे जिंगना जीव तो काजे पीतन वाय काय-
कावा करली काँव काँव बस्तरिया आंव...
Posted on: Feb 22, 2020. Tags: CG CHANDRABHAN MARKO KONDAGAON SONG
मिट्टी की मूर्ति बनाकर जीवन यापन करते हैं अतीक पाल...
माता मौली मेला, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चंद्रभान श्रोताओं को मेला में शामिल अतीक पाल से परिचय करा रहे हैं, अतीक पाल कलकत्ता के निवासी हैं और वे मेला में मूर्ति बेचने के लिये आये हैं, अतीक पाल मूर्ति बनाने का काम करते हैं और अपनी बनाई मूर्ति को बस्तर के अलग-अलग इलाके में बेचते हैं उसी से उनका घर चलता है, मूर्ति बनाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं करते यही जीविका का साधन है, मूर्ति कला के साथ रंग रोहन का काम भी करते हैं: अतीक पाल@6370536354.
