मायाराम सुरजन ऐसे व्यक्ति थे जिनमें किसी से दुश्मनी, कड़वाहट या बदला लेने की भावना नहीं थी...
मायाराम सुरजन का जीवन हमेशा चुनौतियों से जूझने में बीता लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और अपने इन्हीं मूल्यों को पोषित करने की दृढ़ता के कारण बड़ी कीमतें चुकाईं। कई बार उन्हें आर्थिक तंगी और भावनात्मक स्तर पर भी गहरी चिंता का सामना करना पड़ा था। वे ऐसे व्यक्ति के रूप में जिए, जिनमें किसी से दुश्मनी, कड़वाहट, या बदला लेने की भावना नहीं थी। पत्रकारिता जगत के मार्गदर्शक के रूप में ख्यात श्री मायाराम सुरजन सही मायनों में स्वप्नदृष्टा और कर्मनिष्ठ तथा अपने बलबूते सिद्ध एक आदर्श पुरुष थे। वे बहुपठित और जनप्रिय राजनैतिक टिप्पणीकार थे और अनेक कृतियों के लेखक भी। मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश के, अंतरंग, सबको सन्मति दे भगवान, धूप छांव के दिन आपकी प्रमुख प्रकाशित किताबे है
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
दृष्टिबाधित साथियों की भूख हड़ताल भोपाल मध्यप्रदेश में जारी, सभी साथियों से मदद की अपील...
निरमपार्क भोपाल (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार बता रहे हैं कि आज दृष्टि बाधित साथियों के आंदोलन का 13वां दिन और भूख हड़ताल का 5वां दिन है जल सत्याग्रह और आहुति हवन कार्क्रम के बाद भी कोई निष्कर्ष नही निकला है जिसके बाद आज उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी को राम दरबार के फोटो के सांथ जो उन्होंने वहां लगाया है एक प्रेम पत्र भेजा है, शाम को कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया है. सांथ ही सरकार के प्रति वे अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि सरकार एक दिन हमारी मांगे जरुर पूरी करेगी और सीजीनेट को सहयोग के लिए धन्यवाद दे रहे हैं. उन्हें आशा है कि इन संदेशों को सुनकर और आम लोग दृष्टिबाधित साथियों की समस्याओं से एकजुट होंगे, मदद करेंगे |शिवकुमार@9713884284.
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: SHIV KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
रे सुगना अब मत बाग अगोर रे सुगना, सूरज उगी न रतिया जागी न उतरी अब भोर...निर्गुण गीत -
सुनील कुमार मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से डॉ कुमार विरल की एक रचना सुना रहे हैं :
रे सुगना अब मत बाग अगोर रे सुगना – सूरज उगी न रतिया जागी न उतरी अब भोर –
खटते खटते खून जरईले जीते जी मर गईले – खटते खटते खून जरईले हासिल न भईले तोर – छूटल माटी गांव भूलाईल शहर नगर छिछिआईल – अजगर मुँह फईलवले बाटे सपना हो गईले थोड़ – रे सुगना अब मत बाग अगोर...
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
एक तुम्ही आधार सतगुरु...भक्ति गीत -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक भक्ति गीत सुना रहे है:
एक तुम्ही आधार सतगुरु-
जब तक मिलो न तुम जीवन में-
शांति कहाँ मिले शक्ति मन में-
भोज फिरा संसार सतगुरु-
छा जाता जग में अंधियारा-
सब पाए प्रकाश की धारा-
आते तेरे द्वार सतगुरु-
एक तुम्ही आधार...
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए...कविता एवं गीत -
दुष्यंत कुमार और भोजपुरी के राष्ट्रीय गीत के रचयिता बाबु रघुवीर नारायण जी की पुण्य तिथि के अवसर में एक कविता एवं गीत:
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए-
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए-
आज यह दीवार परदों की तरह हिलने लगी-
शर्ते लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए-
हर सडक पर हर गली में हर नगर हर गाँव में-
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए-
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं-
मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए...
बाबु नारायण जी का गीत-
सुंदर सुभूमि भैया भारत के देशवा से-
मोरा प्राण बसे ही म कहे रे बटोहीया-
एक द्वार घेरे रामा हिमा कोतो वलवा से-
तीन द्वार सिन्धु गह रवे रे बटोहीया...



