चलनी के चालल दुलहा, सूप के फटकारल हे...भोजपुरी रचना -
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर की एक रचना भोजपुरी भाषा में सुना रहे हैं :
चलनी के चालल दुलहा,सूप के फटकारल हे-
दियकाके लागल दुलहा,दुअरे बाजा बाजल है-
कहत भिखारी हउवन,राम के बनावल है-
चलनी के चालल दुलहा,सूप के फटकारल हे...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर...गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर-
रौशन करे अब सब घर घर-
प्यार मुहब्बत से जग को बनाये-
दोस्ती भाईचारा को अपनाये-
भूखे रहे न कोई शाम तक ,रोशन करे.....
जात पात के झगड़ो को अब हम मिटाये-
सुख दु:ख मे अब सब काम आये-
न कोई बारूद हो न बम की धमक, रोशन करे...
सब धर्मो को हम अपनाये-
मजहब की दिवार को अब हम गिराये-
अब न बुझे कोई घर का दीपक ,रोशन करे...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं...कविता
मालीघाट, जिला-मुजफ्फपुर (बिहार) से सुनील कुमार, महेश ठाकुर चकोर की रचना सुना रहे हैं:
चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं-
सूर्य से लेता जड़ को देता संग्रह पर विश्वास नहीं-
मधुमक्खी मधु संचय करती आता उसको रास नहीं-
फिर भी शहद जुटाती रहती होती है उदास नहीं-
चाँद के घर में सुना मैंने अपना है प्रकाश नहीं...
Posted on: Feb 17, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ल किस्सा पुरबिया के उस्ताद महेन्द्र मीश्र के बतिया के बारे में बता रहे ह
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेन्द्र मिश्र के बारे में जानकारी दे रहे है – अंग्रेजों के अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करे खातिर पुरबिया के सम्राट महेन्द्र मिश्र
जाली नोट भी छापते पकडाने के बाद बक्सर जेल में रखा गया है,कहा जाता है की उनको छपरा, मुज्जफरपुर, बनारस, पटना, कलकत्ता के सब लोग एकजुट व एकमत होकरके ब्रिटिश सरकार से अनुरोध कर रहे हैं की महेद्र मिश्र को छोड़ने हेतु वे लोग कितना भी पैसा देने के लिए तैयार है. क्योकि महेंद्र मिश्र हमारी गीत संगीत के ज्ञाता है उनके बिना गीत संगीत सब ख़त्म हो जायेगा, महेंद्र मिश्र ने जेल में ही रख कर के रामायण का भोजपुरी में अनुवाद कर दिए. उनकी इसी बात को देख कर के जेलर उनको छोड़ देते हैं ,जेल से छूटने के महेंद्र मिश्र आजादी के सूरज नही देख पाए. और 26 अक्टूबर सन् 1946 के दिन माया के दुनिया को छोड़ कर के महेंद्र मिश्र सदा के लिए हमारे बिच से चले गये |
Posted on: Feb 17, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बच्चा सच्ची बात लिखेगा जीवन हैं स्वगात लिखेगा...कहानी
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है:
बच्चा सच्ची बात लिखेगा जीवन हैं स्वगात लिखेगा-
जब वो अपनी पर आएगा, मरुस्थल में बरसात लिखेगा-
उठी आँखों में जुग्न्नु है सारी-सारी रात लिखेगा-
नन्हे हाथो को लिखने दो बदलेंगे हालात लिखेगा-
उसके सहने की सीमा है मत भूलो प्रतिघात लिखेगा-
बिना प्यार की खुशबु वाली रोटी को खैरात मिलेगा-
जा उसके सीने से लग जा वो तेरे जज्बात लिखेगा-
