स्वास्थ्य स्वर : गूलर का औषधीय उपयोग...

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल गूलर का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, गुर्दा रोग या भगंदर रोग में गुलर के दूध को रुई में भिगोकर उस स्थान पर लगाने से आराम हो सकता है, दूसरा गूलर के दूध को 10 – 20 बूंद जल में मिलाकर पीने से बबासीर और रक्त विकार में आराम मिल सकता है संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Jul 11, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

Impact : संदेश रिकॉर्ड करने के बाद रोजगार सूची में नाम जोड़ दिया गया...

ग्राम पंचायत-जोलगी, तहसील-भरतपुर, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से आनंद प्रसाद यादव बता रहे हैं उनका नाम रोजगार सूची से काट दिया गया था तब उन्होंने अपनी समस्या को सीजीनेट में रिकॉर्ड किया था, अब उनका रोजागर सूची में पुनः जोड़ दिया गया है इसलिये वे मदद करने वाले साथियों को धन्यवाद दे रहे हैं: संपर्क नंबर@9165957842. (AR)

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: ANAND YADAV CG IMPACT STORY KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का घरेलू नुस्खा-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, तुलसी के पत्ते 4 नग, नीम के पत्ते 4 नग, गिलोय 10 ग्राम, लौंग 2 नग, इलायची 2 नग, जीरा 5 ग्राम, हल्दी एक चुटकी, सोंठ एक चुटकी लें, सभी को 300 ग्राम पानी में डालकर उबालें जब पानी 150 ग्राम रह जाये उसे हल्का ठण्डा कर लें और चाय की तरह सेवन करें, लाभ हो सकता है : संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : खीरे का औषधि के रूप में प्रयोग करें...

ग्राम-रनई, थाना-पटना जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से बैद्य केदारनाथ पटेल आज हमारे श्रोताओं को घरेलु उपचार में खीरे का औषधि उपचार बता रहे हैं: (1) नेत्र रोग, नेत्ररोग के जो आँख के नीचे-नीचे काले-काले धब्बे हो जाते हैं उसमे खीरे कि पेस्ट एक सप्ताह लगाने पर ठीक हो जाता है (2) कंठ रोग, कंठ रोग में खीरे कि पत्तों का क्वाथ बनाकर 10-20 क्वाथ को 500 मिलीग्राम जीरा का चूँरण मिलाकर सेवन करने से गले का कंठ रोग में लाभ होता है (3) ब्रिहग बस्ती रोग, मुत्रक्रिश में दर्द व् कठिनाई में मूत्र करते समय जलन होना मुत्रतियाग के रोगी को भोजन में खीरे का सेवन करने से रोग समाप्त हो जाता है (4) मूत्राघात, मूत्राघात में खीरे के बीज कल्क को 2 से 4 ग्राम अमलकांजी तथा लवंड के साथ मिलाकर सेवन करने से मूत्राघात मूत्र का न बनना रोग का स्वर्ण होता है मूत्र बनने लगता है और विस्तार से जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं: सम्पर्क नंबर @9826040015 CS

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: KEDARNATH PATEL KORIYA CG HELATH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : अनार का औषधीय उपयोग-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल अनार का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, सिर दर्द होने पर अनार के आधा किलो पत्ते को छाया में सुखाकर आधा किलो सूखा धनिया मिला लें, उसके बाद 1 किलो गेहूं का आटा मिलाकर 2 किलो गाय के घी में भून लें, ठण्डा होने पर 4 किलो खांड मिला लें, उसके बाद प्रातःकाल 50 ग्राम मिश्रण दूध के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर पूरी जानकारी लेने बाद ही नुस्खा उपयोग करें: संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Jul 10, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER

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