वादनी वरदे वीणा वादनी वरदे...रचना -

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की एक रचना सुना रहा हैं:
वादनी वरदे वीणा वादनी वरदे-
प्रिय स्वतंत्र अमृत मंत्ना भारत में वरदे-
वादनी वरदे वीणा वादनी वरदे-
काठ कंद उर के बंदन हस्तय-
माँ जननी ज्योतिमय नीजे-

Posted on: Jan 30, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हमारा पैसा हमारा हिसाब...मनरेगा के नारे

जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) विकासखंड-प्रेमनगर, ग्राम+पंचायत-गौरीपुर से रमेश कुमार साहू बता रहे हैं कि यहां सोशल ओडिट का कार्य चल रहा है जिसमे कुछ मनरेगा से सम्बंधित नारे भी लगा रहें हैं:
हमारा पैसा हमारा हिसाब,
हम अपना अधिकार मांगते, नही किसी से भीख मांगते-
हर हाथ को काम दो,काम का पूरा दाम दो-
अधिकार दिया तो पूरा दो न काम दिया तो पूरा दो-
जहां-जहां काम चलेगा, पानी छाया दवा मिलेगा...

Posted on: Jan 30, 2018. Tags: RAMESH KUMAR SAHU SONG VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : लहसुन के रस से मलेरिया का घरेलू उपचार

मलेरिया बुखार जिसको होता है उसको सबसे पहले तेज ठण्ड लगकर बुखार आता है, दूसरा जुलाब होना, ज्यादा समय तक सिर दर्द होना, शरीर में दर्द का होना, भूख न लगना, शरीर में कमजोरी होना, मन का घबराना, तेज सांस चलना और सांस लेने में तकलीफ होना| अगर रोगी को रोज एक ही समय पर मलेरिया बुखार आ रहा हो तो लहसुन के रस को बुखार आने से पहले रोगी के नाख़ून पर लगा दे और उसके साथ ही एक चम्मच लहसुन के रस को एक चम्मच तिल के तेल में मिलाकर जब तक बुखार न आये तब तक एक-एक घंटे के गेप में उसे रोगी को छुहाते रहे| उसे चार दिन लगतार करते रहने से मलेरिया बुखार ठीक हो जाता है .राकेश मानिकपुरी@8349349504 .

Posted on: Jan 29, 2018. Tags: RAKESH KUMAR MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER

मैडम तेरी कसम दिन रात पढ़ते हैं हम...शिक्षा पर कविता

जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अरुण कुमार एक शिक्षा पर एक कविता सुना रहे है:
मैडम तेरी कसम दिन रात पढ़ते है हम-
फिर भी नम्बर कम पाते हैं हम-
बोलो क्या करें हम-
पहला पिरेड है हिंदी-
जिसके माथे पे है बिंदी-
बोलो क्या करें हम-
दूसरा पिरेड है भूगोल-
जिसमे सारी दुनिया है गोल-
बोलो क्या करें हम...

Posted on: Jan 27, 2018. Tags: ARUN KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

वन्दे बिहार वन्दे वन्दे बिहार वन्दे...बिहार गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार निरंजन द्वारा लिखा बिहार राष्ट्रगान सुना रहें हैं:
वन्दे बिहार वन्दे वन्दे बिहार वन्दे-
वैभवशाली ओ-ओ वैभवशाली वसुधा बिहार-
हैं तपो भूमि हैं मोच भूमि ज्ञान भूमि अभियान भूमि-
अंग मंगद अजीब देखा हैं संगम अपना बिहार-
नालंदा राजगीर वैशाली का है उद्गम अपना बिहार-
वन्दे बिहार वन्दे वन्दे बिहार वन्दे...

Posted on: Jan 27, 2018. Tags: SONG SUNIL-KUMAR VICTIMS REGISTER

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