रेना-रेना रे रेना रेना रे रे रेना...गोंडी गीत

ग्राम-गोविन्दपुर, पोस्ट-कोटोडा बुदरू, तालुका-कोरपना, जिला-चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से श्यामराव उइके एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रेना-रेना रे रेना रेना रे रे रेना-
निगा न तिरयंता नुंग तुरनता संगो तुरंता-
पुष महिना सन वाता-
डीवा निडुसा जंगो बाई न-
इद महीने नुंग मनता
लाठी मरुंगमा साहिबा लाठी मरुंगमा-
तुमरी महीने निवान्ता-
डीवा निडुसा जंगो बाई न...
श्यामराव उइके@9763811357.

Posted on: Aug 01, 2018. Tags: CHANDRAPUR GONDI SONG SHAYAMRAO UIKEY

सेंदुर बिन्ही सुहागिन मोर झंझरी जीना गानी...सादरी भाषा में डोमकच गीत

ग्राम-तिगावल डांडटोली, पंचायत-मालम, तहसील-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखंड) से कमला देवी सादरी भाषा में एक डोमकच गीत सुना रही है:
सेंदुर बिन्ही सुहागिन मोर झंझरी जीना गानी-
धरती भुखाल जाय आकाश पियासल नदी हम बिना पानी-
सेंदुर बिन्ही सुहागिन मोर झंझरी जीना गानी-
धरती भुखाल जाय आकाश पियासल-
नदी आम बिना पानी सेंदुर बिन्ही सुहांगिन-
सेंदुर बिन्ही सुहांगिन मोर झंझरी जीना गानी...

Posted on: Jul 31, 2018. Tags: KAMLA DEVI SADRI SONG VICTIMS REGISTER

किसी के सांथ अन्याय नही करना चाहिए उसका परिणाम बुरा होता है...कहानी-

मोहन और रमेश दो भाई थे, वे एक गरीब परिवार से थे, एक बार दोनो काम की तलाश में निकले मोहन को एक सरदार के घर काम मिला, सरदार उसे दिन में पत्ते में भोजन और रात में आधी रोटी देने की बात कहा, जिसे मानकर मोहन रहकर काम करने लगा, उसे बकरी चराने का काम मिला,काम के बाद इमली के पत्ते मे भोजन और आधी रोटी दिया जाता, कई दिनो बाद भाई के वापस न आने पर रमेश खोजते हुवे सरदार के घर पहुंचा तो देखा भाई वहां रहकर पतला दुबला हो चुका है, तब उसने भाई को घर भेज दिया और उसकी जगह पर खुद रहने लगा, रमेश काम के बाद जब तालाब मे नहाने जाता तो कमल का एक पत्ता प्रतिदिन तोड़कर लाता, सरदार कमल के पत्ते में भोजन देने से कतराते लेकिन मजबूरन देने लगे और रात को आधी रोटी, सरदार के इस व्यहार से परेशान होकर रमेश जब बकरी चराने जाता तो प्रतिदिन एक बकरी को मारकर खाता और उसकी खाल इमली के डाली में लटका देता, सरदार ने देखा बकरियों की संख्या घटती जा रही है, तो उसने रमेश से पूंछा जिस पर उसने सरदार को इमली के पेड़ के पास ले जाकर कहा आपका बकरी इमली का पत्ता खा रहा है, इससे सीख मिलती है कि किसी के सांथ अन्याय नही करना चाहिए उसका परिणाम बुरा होता है |

Posted on: Jul 31, 2018. Tags: RAJENDRA MUNDA SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : हमारे आस पास मिलने वाले दूब घास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दूब घांस के औषधीय गुण बता रहे हैं, दूबा एक घास है इसे दूबी भी कहते हैं, जो कही भी आसानी से प्राप्त हो जाती है, इसे पूजा पाठ के उपयोग में भी लाया जाता है, यदि किसी के नाक के खून बह रहा हो, ये समस्या सामान्यतः गर्मी के दिनों में हो जाता है तब दूबा की पत्ती का रस एक से दो बूंद नाक में डाल दें इससे आराम मिल सकता है, यदि खाज खुजली हो गई हो, तो इसके पंचांग अर्थात जड़ सहित चावल के सांथ पीस कर लेप करने से खुजली की समस्या ठीक हो सकती है, इसके अलावा रस को तेल में मिलाकर घाव पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : पलास के औषधीय गुण-

जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय पलास के पौधे जिसके फूल को टेसू भी कहते है, के औषधीय गुण बता रहे हैं, पलास के पौधे को अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है. उपयोगिता: 1- पलास चर्म रोग, खाज खुजली, दाद के लिए उपयोगी है, इसके लिए पलास के बीज को नीबू के रस में मिलाकर पीस ले और शरीर के ग्रसित भाग पर लेप करें, इससे लाभ हो सकता है, 2- उसके बीज को अकवन के दूध में घिसकर लगाने से बिच्छू दंस में लाभ हो सकता है, 3- प्रमेय रोग में पलास के फूल का चूर्ण और मिश्री का चूर्ण एक-एक चम्मच पानी के सांथ प्रतिदिन एक बार सेवन करने से लाभ हो सकता है : संपर्क नम्बर@9424759941.

Posted on: Jul 30, 2018. Tags: HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

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