गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई...प्राकृतिक कंद-मूल पर गीत

ग्राम पंचायत देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया प्राकृतिक कंद-मूल पर एक गीत सुना रहे हैं:
गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई-
कोन ला भाप ले थे, कोन ला हन बिष ले थे-
कोन ला करत हे पसाई, केकती कांदा लगत हे दवाई-
नकवा के गेठी खाई, हमर देह लगत हे दवाई-
गेठी कांदा नकवा के खाई, गेठी कांदा लागे दवाई...

Posted on: Nov 09, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे...पारम्परिक गीत

ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बोल रहे हैं कि आजकल लड़के बच्चे माता-पिता को दाई-दाऊ नहीं बोलते और सुन-सुन के मम्मी-पापा बोलते हैं जो कि पारम्परिक नाम नहीं है जिससे वे दुखी हैं और इसी बात पर फूलों पर उनके किये एक गीत सुनाना चाहते हैं जिससे वे अपने रीति रिवाज के बारे में सीख सकें:
हो पिया भगे डुमरा का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे-
अँधा ला दाल भात गीवा डरा काल फूले दो काहेक बैठे-
पिया भगे डुमरी का फूल केसे रखूं फूल पिया भगे
रान्दला दाल भात गीवा डरा का...

Posted on: Nov 08, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

माटी के सुन्दर चोला माटी गडा दे ददा...गोंडवाना गीत

ग्राम-नयेगवा रैयत, पंचायत-नंदराम, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (म.प्र.) से धनसिंह परते एक गीत सुना रहे हैं :
माटी के सुन्दर चोला माटी गडा दे ददा-
माटी गढ़ा दे ना दीयो चिता में जलाय-
ऐ गा मोर कोया वंशी ऐ गा मोर गोंडवानावासी-
रोवा थे कंचन काया ना दियो चिता में जलाय-
अरे मिल जुल के जो अनगीन लकड़ी चिता बड़ी बनाय-
लाते ला रखे आगि लगा के धुआं ला-
उड़ाए माटी गढ़ा दे ना दीयो चिता में जलाय-
ऐ गा मोर कोया वंशी-
ऐ गा मोर गोंडवाना वासी रोवा थे-
कंचन काया ना दियो चिता में जलाय...

Posted on: Nov 07, 2016. Tags: DHAN SINGH PARTE SONG VICTIMS REGISTER

भूख से बचने का सवाल भैया, भूख से बचने का सवाल है...भुखमरी गीत

ग्राम-बाधकपुरा, तहसील-सतवास, जिला-देवास, (म.प्र.) से तारा सिंह अवायाम एक गीत सुना रहे है जो भुखमरी पर आधारित हैं:
भूख से बचने का सवाल भैया-
भूख से बचने का सवाल है-
ये खाने का सवाल हैं भैया-
ये खाने का सवाल हैं-
ये रोने का सवाल हैं भैया
ये रोने का सवाल हैं...

Posted on: Nov 04, 2016. Tags: SONG TARA SINGH AVAYAAM VICTIMS REGISTER

पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे...फागुन गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़, से कैलाश सिंह पोया एक परम्परा होली का गीत सुना रहे हैं:
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे-
कहाँ छोड़े खंडा मछरी ला कहां हो-
कहां किसान, खुद्सी खुद्सी जिव ला लेहे-
पीया बहर बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे-
कहां छोड़े खंडा मछरी कहाँ जग छोड़े कोरा बालक-
पीया बड़े बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे...

Posted on: Nov 03, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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