बांसुरी के इतिहास में उन कीड़ों का कोई जिक्र नही...कविता

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार नरेश सक्सेना की एक कविता बांसुरी सुना रहे हैं:
बांसुरी के इतिहास में उन कीड़ों का कोई जिक्र नही-
जिन्होंने भूख मिटाने लिए बांसों मे छेद कर दिए थे-
और जब-जब उन हवा छेदों से गुजरती तो बांसों का रोना सुनाई देता-
कीड़ो को तो पता ही नही था कि वे संगीत के इतिहास में हस्तक्षेप कर रहे हैं-
और एक ऐसे वाद्य का आविष्कार जिसमे बजाने वाले की सांसे बजती है-
मैंने कभी लिखा था बांसुरी में बांस नही बजती साँस नही बजता-
बजाने वाला बजता है अब जब-जब बजता हूँ बांसुरी तो राग चाहे जो हो-
उसमे तोड़ो की भूख और बांसों का रोना भी सुनाई देता है...

Posted on: Feb 26, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

कोई रोक सके तो रोक मुझे मै आ रही सन-सन...गीत

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुमार कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
कोई रोक सके तो रोक मुझे, मै आ रही सन-सन-
पुरखे भागीरथ के तार चले रे-
धरती पे गंगा की धार चली रे-
इस बात को जानता भू-मण्डल-
ब्रम्हा ने सरन में उठाया कमंडल-
विष्णु के दो रहे चरण रहे...

Posted on: Feb 25, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

बेटी हूँ मैं, बेटी मैं तारा बनूँगी...गीत

जीवन संगम बोधगया (बिहार) से सुनील कुमार जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय के कार्यक्रम में गाए जा रहे गीत को सुना रहे हैं :
बेटी हूँ मैं बेटी मैं तारा बनूँगी-
लिखुंगी पढूंगी मैं मेहनत भी करूंगी-
अपने पांवो से चलकर दुनिया को देखूंगी-
दुनिया को देखूंगी मै दुनिया को समझूंगी-
फूल जैसी सुंदर बागों में खेलूंगी-
तितली बनूंगी मैं हवा को चूमुंगी...

Posted on: Feb 25, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हमारे बैगा पारा में एक भी हैण्डपम्प नहीं है दूर से नदी नाले का गंदा पानी पीते हैं कृपया मदद करें...

चिलाछापर, पंचायत-बाटीपथरा, तहसील-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुरेश बैगा बता रहे है कि उनके पारा में एक भी हैण्डपम्प नहीं है और वे लोग नदी नाले का गन्दा पानी पी रहे है| जब भी उनके पारा में हैण्डपम्प खुदवाने का आता है तो सरपंच उनके मोहल्ले में ही लगा लेते है और उनके पारा में लगाने नहीं देते है और आज तक उनके पारा में हैण्डपम्प नहीं लगा है| हैण्डपम्प लगवाने के लिए सरपंच सचिव के पास कई बार आवेदन दे चुके है लेकिन कोई ध्यान नहीं देते है| इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर उनके पारा में हैण्डपम्प लगवाने में मदद करें: सहायक सचिव@7024607510, सरपंच@8349374163. मिथलेश मानिकपुरी@8964973228.

Posted on: Feb 25, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR BAIGA VICTIMS REGISTER

हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं...आंदोलन गीत

सुनील कुमार, मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक आंदोलन गीत सुना रहे हैं:
हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं-
मिलजुल हम सब करे जतन सोचे कोई उपाए-
गोंवरो शाली बिरसत जानें समझें भाए-
गांव-गांव मैं काला भवन हो गाय बजाएं भाए-
लोक कला को समझें हम इसकों खूब बढ़ाये-
भाई बहन सब मिलजुल नाचे झूमें नाचे गाये – हो-हो हाय संस्कृति को हम बचाएं...

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Posted on: Feb 24, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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