येसो करा काल में सबेहर दिसूराई...कर्मा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा गीत सुना रहे है:
येसो करा काल में सबेहर दिसू-
सुराई म रोपा ला लगाऊं भाई रे-
मुदरी के खा काप रे मेजरी पहुंचाई-
भैया ला लगाईं धान जीवा ला बचाई-
येसो करा काल में सबेहर दिसू...
Posted on: Oct 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
काहां जग फूले चम्पा चमेली मोर सुगा जी...सुगा गीत-
जिला-दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से सीता पटबंधी एक सुगा गीत सुना रही हैं :
काहां जग फूले चम्पा चमेली मोर सुगा जी-
काहां जग फूले गेंदा फूल राजा राम सुगा-
झरिया में फूले चम्पा चमेंली मोर सुगा जी-
बगीचा में फूले गेंदा फुल राजा राम सुगा-
कोन भईया पहिने चम्पा चमेली मोर सुगा जी-
कोन भईया पहिने गेंदा फूल राजा राम सुगा...
Posted on: Oct 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
गाँव की महिलाओं के लिए स्नानघर का निर्माण गर्मी के समय से चल रहा है अभी तक पूरा नही हुआ...
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि इनके गाँव में हैंडपंप तो है पर नहाने के लिए स्नानघर नहीं है जिससे महिलाओं को बहुत तकलीफ होती है हमारे गाँव में स्नानघर का निर्माण गर्मी के महीने से चल रहा है जिसमे कुछ काम हो चुका है लेकिन पूरा नही हुआ है कुछ मटेरियल ईट, रेत की कमी के कारण काम रुक गया था इसके लिए इन्होने सरपंच को कहा तो ईट की व्यवस्था कर दी गई है लेकिन रेत के लिए सरपंच एक महीने से आश्वासन दे रहे है इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से निवेदन कर रहे हैं कि दिए गए नंबर पर बात कर दबाव बनायें जिससे स्नान घर का निर्माण कार्य पूरा हो सके: सरपंच@7772911742, सचिव@9669148565. पोया@9753553881
Posted on: Oct 14, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
अपना-अपना करो सुधार तभी मिटेगा अत्याचार...कविता
जिला-दन्तेवाडा (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
अधिकार नही कर्तव्य बड़ा होता है-
अपना-अपना करो सुधार तभी मिटेगा अत्याचार-
अपना सुधार संसार सबसे बड़ा सेवा है-
नशा नाश की जड़ है-
कैलाश पोया करे पुकार अपना मन में करो विचार-
आदिवासी के छीने अधिकार फूट डाले नेता सरकार-
कैसे जुड़े आदिवासी तब बने हम मूल निवासी...
Posted on: Oct 12, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे...पारम्परिक सुग्गा गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारम्परिक सुग्गा गीत सुना रहे हैं:
क्या देखे हवे यहिरा बासुरी बजावे-
मोर सुग्गा रे का देखे मन पछताय राजा राम-
गाय भैस देखे बंसिया बजाय-
मोर सुग्गा रे समय देखे मन पछताय-
मोर सुग्गा रे अकाल देखे मन पछताय राजा राम-
कोन बने अहिरा गईया चरावे-
मोर सुवा रे कोन गए पानी ला पियाय-
काहे के दुली बने गईया चराए-
मोर सुग्गा रे समु गए हे पानी ला पियाय-
पानी पियाय के तिखुर चढ़ावे राजा राम-
सुग्गा ला घर मुख गईया ला चढ़ाय...
