काच की बांस की बहंगिया, बहंगी लचकत जाय...लोकगीत
सरैया बाजार, मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक पारंपारिक लोकगीत सुना रहे हैं :
काच की बांस की बहंगिया, बहंगी लचकत जाय-
हो काना सुरुज देव सहैया बहंगी घाट पहूंचाय-
बाटा जे पूछे ला बटुहिया, पीपल बई के करत जाय-
अनारी होइहे रे बटुहिया पीपल अदित देव के जाय-
पीना न बाजु बाबू पियरिया बेलैय अरगिया के बेर-
चलाया न सुमन बाबू संगवा बेलैया अरगिया के बेर...
Posted on: Mar 15, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आज जनकपुर में माँ बड सुहावन लागे...भोजपुरी विवाह लोकगीत
जिला पूर्वी चम्पारण बिहार से कुंदन कुमार एक भोजपुरी विवाह लोकगीत सुना रहे हैं:-
आज जनकपुर में माँ बड सुहावन लागे-
हरे-हरे बसवा के मडवा छ्वया चाचा-
छ्हू मुख दिया न जा रे ला बड सुहावन लागे...
Posted on: Mar 15, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER
किदा रूप कितने तनिक सजी अ रूप देले बा...नशा मुक्ति गीत
जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) से राजीव कुमार राय एक नशा मुक्ति गीत सुना रहे हैं:-
किदा रूप कितने तनिक सजी अ रूप देले बा-
दारू बिकत नहीं नित सजी अ रूप देले बा-
पूरा बदलल बिहार पियल रोक देले बा-
चार चौथा फाइल पढल रहनिया कगार में...
Posted on: Mar 14, 2018. Tags: SONG Sunil Kumar VICTIMS REGISTER
हम 40 परिवार हैं, न बिजली न पानी, नदी का पानी छान कर पीते हैं, हैंडपंप होता तो अच्छा होता...
ताड़ीदहरा मोहल्ला, ग्राम-नागाडबरा, पंचायत-माठपुर, विकासखंड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुखीराम बैगा बता रहे हैं कि हमारे मोहल्ले में पानी की बहुत समस्या है लोगो को उपयोग के लिए नदी से पानी लाना पड़ता है, बरसात में भी नदी से ही गंदा पानी लाकर पीते है और अक्सर बीमार पड़ते हैं 40 घर इस समस्या से पीड़ित हैं और अधिकारियों से अनुरोध करते करते थक गए हैं, इसलिए वे सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि इन नंबरो पर बात कर निवेदन करें जिससे उनके मोहल्ले में पानी की समस्या का निराकरण हो सके: सरपंच@7898628506, सचिव@8349359323, PHE@7898883154, मिथलेश मानिकपुरी@8964973228.
Posted on: Mar 13, 2018. Tags: MITHILESH KUMAR MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER
चल संगी देख आबो देवन के नाचा ला...करमा गीत
ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम एक करमा गीत सुना रहे हैं :
चल संगी देख आबो देवन के नाचा ला-
देवन के लगे दरबारा हाय रे-
गढ़ मंडला के नाम नगर में महल बने महान रे-
धीरे-धीरे होथै खंडहर कोन बचावे शान रे-
मोती महाल मा रे लिखा कराये राजा-
का जाने दुनिया के पढ़ैया रे...


