गोंडवाना का राज पुराना इतिहासकार बतलाते है...गोंडो के इतिहास पर कविता

ग्राम-जमुड़ी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया गोंडो के इतिहास पर एक कविता सुना रहे हैं:
गोंडवाना का राज पुराना इतिहासकार बतलाते है-
महल किला ताल तलैया हमको याद कराते है-
बाग़ बगीचे देवी-देवता गोंडो के है शान-
जादू टोना मन्त्र तंत्र सब गोंडो के है ज्ञान...

Posted on: Jan 19, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

घोडा नाचे हाथी नाचे, नाचे सोन चिड़िया...जंगली जानवरों पर कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
घोडा नाचे हाथी नाचे,नाचे सोन चिड़िया-
किलक-किलक बंदर नाचे भालू तातातैया-
सुन रे मोर काया,सुन रे मोर काया-
झूम-झूम कर खरह नाचे ऊंट में न गाया-
आ पहुंचे जब शेर नाचे मची हाय रे दया...

Posted on: Jan 18, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

मायेक मारे सुडी नहीं भाई तोला मोखे माया लागे...छत्तीसगढ़ी गीत

कैलाश सिंह पोया ग्राम देवरी सूरजपुर जिला छत्तीसगढ़ से हैं और आजकल सीजीनेट की जन पत्रकारिता यात्रा में अनूपपुर में घूम रहे हैं उसी सिलसिले में वे आज बरगांव गाँव जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश पहुंचे हैं और गीता रानी से एक छत्तीसगढ़ी गीत सुन और सुना रहे हैं :
मायेक मारे सुडी नहीं भाई तोला मोखे माया लागे-
मायेक मारे सुडी नहीं भाई तोला मोखे माया लागे...

Posted on: Jan 18, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA

इंदल त्यौहार में आज हज़ारों आदिवासी अपने बकरों के साथ आएंगे, रात भर खाना, नाचना चलेगा...

ग्राम-साकडी, पोस्ट+तहसील-सोंडवा, जिला-अलीराजपुर (मध्यप्रदेश) से भुवन सिंह चौंगढ़ अभी भील आदिवासियों का जो इंदल का त्यौहार चल रहा है जिसमे देवी देवताओं का पूजा पाठ किया जाता है, उसके बारे में जानकारी दे रहे हैं वे वहां एक भील आदिवासी साथी सुरताण भाई से बात कर रहे हैं जो उनकी भीली भाषा में बता रहे हैं कि आज साकडी में होने वाले इंदल उत्सव में हज़ारों लोग अपनी बकरियों के साथ आएँगे, रात भर नाच गाना और उत्सव चलेगा, बकरी काटकर भोजन भी बनेगा। वे भीली भाषा में एक इंदल गीत भी सुना रहे हैं. वे बता रहे हैं कि यह एक बहुत पुरानी परम्परा है जो सदियों से चली आ रही है और भील आदिवासी इस उत्सव को आज भी बहुत धूमधाम से मनाते हैं. भुवन@9174623789

Posted on: Jan 17, 2017. Tags: BHUVAN SINGH CHOUNGAD SONG VICTIMS REGISTER

क्या भरोसा है ये जिन्दगी का, क्या भरोसा है ये जिन्दगी का...प्रेरणा गीत

ग्राम-मनोरा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राजेन्द्र सिंह मरावी एक प्रेरणा गीत सुना रहे हैं:
क्या भरोसा है ये जिन्दगी का, क्या भरोसा है ये जिन्दगी का-
साथ देता नहीं हैं किसी का, साथ देता नहीं हैं किसी का-
माता-पिता के कर ले सेवा, राम के भजन लगा ले-
माता-पिता के कर ले सेवा, कुंड में डुबकी लगा ले...

Posted on: Jan 17, 2017. Tags: RAJENDRA SINGH MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

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