छत्तीसगढ़ का जिला, सबसे सुंदर सबले बढ़िया, बलरामपुर...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-मेंढारी, पोस्ट-करमडीहा, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सन्नू कुमार नेटी एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
छत्तीसगढ़ का रक्षा, बिटवा जिला-
सबसे सुंदर सबले, बढ़िया बलरामपुर-
गैर चन्द कहा मोरंग, बहे चारों और-
हरा भरा खेत बाड़ी, मोहे लाभवन-
जहा घूम के परदेशी डेरा ना, डाले बलरामपुर-
उसमें रामचंद्रपुर, शंकरगढ़, राजपुर, वाड्रफनगर, बलरामपुर-
छह गो तहसील है, छह गो तहसीलदार-
सुख शांति समृधि कर, हवे पहरेदार...
Posted on: Mar 31, 2018. Tags: SANNU KUMAR NETI SONG VICTIMS REGISTER
यदि कमी नहीं होता तो, जमीं भी नही होता, किस्मत का लिखा यारों, अक्सर में वही होता...गज़ल
ग्राम पंचायत-पलढा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार यादव एक ग़ज़ल गीत सुना रहे है;
यदि कमी नहीं होता तो, जमीं भी नही होता-
किस्मत का लिखा यारों, अक्सर में वही होती-
जिन्दगी ऐसी है जो, क्या बताती है-
चार दिन जिन्दगानी, यही प्यार मिलाती है-
यदि कमी नहीं होता तो, जमीं भी नही होता-
किस्मत का लिखा यारों, अक्सर में वही होती...
Posted on: Mar 31, 2018. Tags: RAKESH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
बिहार के भैया बहनिया सुनियो, सुनियो मजदूर किसान...गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
बिहार के भैया बहनिया सुनियो, सुनियो मजदूर किसान-
दारु बंदी लागू भैले बहन करे ऐलान सब मिल सोचियो-
धान बिक्ले गेहूं बिक्ले जेवर बिक्ले भाय-
दारु पिए मा गैया बिक्ले, बिक्ले खेत खलिहान-
दारु छोड़ तय रिक्सा वाला पैसा ले तय बचाय-
घर में सुख शांति ऐते बच्चे पढ़े जाय...
Posted on: Mar 30, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
झुनुर-झुनुर बाजे पैजनिया ये राजा चढ़ते अटरिया न...बिहारी लोकगीत
जिला पूर्वी चम्पारण बिहार से कुंदन कुमार एक लोकगीत सुना रहे हैं:
झुनुर-झुनुर बाजे पैजनिया ये राजा चढ़ते अटरिया न-
कहिले सताए राजा मासु के टिका दूजे-
दूजे सताए मोरे बिचवा ये राजा चढ़ते अटरिया न-
झुनुर-झुनुर बाजे पैजनिया ये राजा...
Posted on: Mar 30, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
एक दुलारा सीजीनेट हमारा, प्यारा स्वरा एप, दुनिया में बेजोड़, अनोखा है ये सीजीनेट...कविता
ग्राम-चन्द्रेली, पोस्ट-मसगा, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दीपक कुमार सीजीनेट स्वर पर एक कविता सुना रहे है:
एक दुलारा सीजीनेट, हमारा प्यारा स्वरा एप-
दुनिया में बजावे बेजोड़, अनोखा है ये सीजीनेट-
गूंजे गगन में महके पवन में, हर एक के मन में सीजीनेट-
मौसम की बाहे, दिशा की राहे, सब हमसे चाहे सीजीनेट-
घर की हिफाज़त, पड़ोसी की चाहत है, सीजीनेट, हो भय्या है सीजीनेट-
हर एक की चाहत, है सीजीनेट, हो भय्या है, सीजीनेट...

