श्रीमन नारायण, नारायण नारायण...भजन गीत -
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष में एक भजन गीत सुना रहे है:
श्रीमन नारायण, नारायण नारायण-
भजमन नारायण, नारायण नारायण-
श्रीमन नारायण, नारायण नारायण...
Posted on: Nov 02, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
संवेदना गीत : दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते है कहां-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छतीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता सामाजिक कार्यकर्ता सकुन साहू के आज आकस्मिक निधन पर गीत के माध्यम से संवेदना व्यक्त कर रहे हैं :
दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते है कहां-
इसे ढूंढे ऐसे कैसे मिलते नही कदमो के भी निसा-
मेरे बिछड़े जीवन साथी, साथी ऐसे दीपक बाती-
मिलकर बिछड़ गए जो ऐसे जो सावन में हो ऐसे-
उड़ के काले-काले बादल जाने चले जाते हैं कहां-
दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते है कहां...
Posted on: Oct 22, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
इस प्राचीन कोयला धनी क्षेत्र में ज़िम्मेदार अधिकारियों को भेजा जाए, जिससे स्थानीय सुरक्षित रहें ..
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता तमनार अंचल और उसके पुरातत्व के बारे में बता रहे है कि यहाँ जो शिलालेख, शैलचित्र उषाकोठी, कर्मागढ़, और तांबे का कढा प्राप्त हुआ उससे इसकी प्राचीनता जानी जाती है और यहाँ देवुरभवना, कारिबंद, और जो सौ साल पुराना पंचमुखी महादेव् मंदिर है जिसका वर्तमान समय में विधि विधान से पूजा भी की जा रही है और इस अंचल की जो प्राचीनता है और इसके बहुत से उदहारण मौजूद है | इस अंचल में कोयले का विशाल भण्डार पाए जाने के कारण देश का बहुत बड़ा भविष्य बना हुआ है |ऐसे में इस अंचल के लिए जो जिम्मेदार अधिकारी है उनको पदस्त कराया जाए ताकि इस क्षेत्र के आदिवासियों का हित हो और उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण, अत्याचार न हो|
Posted on: Oct 21, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
साचा नाम तेरा तू श्याम मेरा...दीपावली भजन गीत
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेन्द्र गुप्ता दीपवाली के उपलक्ष्य में स्वयं तबला वादन के साथ एक भजन गीत सुना रहे है:
साचा नाम तेरा तू श्याम मेरा-
उजड़ा जगत है झूठा साथी-
बुझे दीपक बुझ जाए भाति-
रंग पे है संग तेरा-क्या सांज है-
और सुनेहरा सांजा नाम तेरा-
तू श्याम मेरा साचा नाम तेरा...
Posted on: Oct 19, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
मेरा उम्र हुआ पचपन का, चाल चलन है बचपन का...व्यंग्य रचना
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
मेरा उम्र हुआ पचपन का चाल चलन है बचपन का-
हरियाली सी प्रेम सताए एक सा-
एक संत ने कहा मुझे-
तू करना कभी नहीं खेती एक सा-
धान बोहोगे तो कोदो जागेगा-
लोहे की खेती तुझे खूब भायेगा-
विश्व विख्यात जो कहलायेगा...
