बाँध का ठीक मुआवजा नहीं दिया, मछली पकड़ने का काम भी ठेके में दे दिया, कृपया मदद करें...
ग्राम-राजापुर, तहसील-निवाड़ी, जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से चिरोंजीलाल कुशवाहा बता रहे है कि उनके यहाँ बरगुवा नाला बांध बना है, इस बांध के डूब से आने वाले घर जमीन एवं फलदार पेड़ो का सरकार द्वारा मनमाने ढंग से सर्वे किया गया है, जिसके विरोध में प्रभावितों द्वारा क्रमिक अनशन भूख हड़ताल जैसे आन्दोलन किये लेकिन आज तक कोई ठीक मुआवजा नही मिला है,ओर जलाशय से मछली मारने का ठेका दे दिया गया है पर ग्रामीणों की मांग है कि यह काम विस्थापितों को दिया जाय सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध है की आप इन नम्बरों पर फोन लगाकर दबाव बनाए...S.D.M@9893635444, तहसीलदार@9893823929, पटवारी@9893587487, कलेक्टर@07683242250. चिरोंजीलाल@9752312263.
Posted on: May 10, 2017. Tags: CHIRONJILAL KUSHVAHA SONG VICTIMS REGISTER
जबसे अऐल्वा तू गवनवा, बुढा तनअवा मारेली...गीत
ग्राम-लोकरिया, तहसील-नानपाडा जिला-बहराइच, (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाह एक गीत सुना रहे है:-
जबसे अऐल्वा तू गवनवा, बुढा तनअवा मारेली-
की हम करी चोकछ हाली, देरनिया से नही भर पाए पानी-
की हम लेकर जाये खनवा, की कहे ये बुढ घय आये अनवा-
जबसे अऐल्वा तू गवनवा, बुढा तनअवा मारेली...
Posted on: Mar 31, 2017. Tags: KEDARNATH KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
हम इस गाँव में 50 सालों से रह रहे हैं पर अब तक कोई सड़क नहीं बनी, मांग करते-करते थक गए...
ग्राम-टीकर, तहसील-हुज़ूर, जिला-रीवा, (मध्यप्रदेश) से आनन्द कुमार कुशवाह बता रहे हैं कि हमारे गाँव के वार्ड क्रमांक 20 में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है, गाँव में आने के लिए एक तरफ नहर है और दूसरी तरफ बांध तो आवागमन में बहुत समस्या होती है इस समस्या को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव भी रखा और जनपद में भी रखा | बांध और नहर के बीच रास्ता होने के कारण कई लोगो की मौत भी हो चुकी है फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है इसलिए सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है. गाँव में लोग 50 से अधिक सालों से बसे हैं पर कोई भी मदद नहीं करता कृपया कलेक्टर@9425903973 को फोन कर दबाव डालें। आनंद@8517882389
Posted on: Mar 24, 2017. Tags: ANAND KUMAR KUSHVAH SONG VICTIMS REGISTER
माई से बढ़के ये दुनिया में नबाके केहू दूजा...भक्ति गीत
ग्राम-अमृतपुर, तहसील-नानपारा, जिला-बहराइच (उत्तरप्रदेश) से केदारनाथ कुशवाहा एक भक्ति गीत सुना रहे है:
माई से बढ़के ये दुनिया में नबाके केहू दूजा-
ये भयवा कोले तू माई के रे पूजा ये भयवा-
माई से शुरू बा जिन्दगी मैया से खतम हो जाई-
मइये ते हसावेली, मइये तो रुलावेली-
जे नाई समझ पाई, ओकरा लई जावा बा-
चारो धाम तू का जैबो, माँ-बाप के चरण मा सब कुछ अधूरा बा...
Posted on: Mar 02, 2017. Tags: KEDARNATH KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक...रेलगाड़ी कविता
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक रेलगाड़ी कविता सुना रहे है:
गाडी करती चुक-चुक-चुक लम्बू कहता रुक-रुक-रुक-
डिब्बा कहता घुस-घुस लम्बू चढ़ गया चुप-चुप-चुप-
इंजन बोल पुक-पुक-पुक गाड़ी चल दी चुक-चुक-चुक-
आगे थी वह भैंस खड़ी गाडी से वह नहीं डरी...
