गोडे के बिछिया ला चाबे चाटी गोई रे चाबे चाटी, लटा सातू बना दे...डोमकच गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे हैं :
गोडे के बिछिया ला चाबे चाटी गोई रे चाबे चाटी-
लटा सातू बना दे-
जाबो राची हाय रे जाबो राची लटा सातू बना दे-
जांगे के भुंसी ला चाबे चांटी गोई रे चाबे चांटी-
लटा सातू बना दे...
Posted on: Aug 20, 2018. Tags: CHHATTISGARH DOMKACH SONG SURGUJIHA MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है...कहानी-
एक दस वर्ष का बच्चा बीमार पड़ा तो उसके पिता ने उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया, तब वो फल के अलावा कुछ भी नही खाता था, एक दिन उसे गांव जाना पड़ा तो उसने पड़ोसी को फल और कुछ पैसे देकर बच्चे का देख-रेख करने को कहा और चला गया, पडोसी ने सोचा इसे दूसरा भोजन देंगे तो कैसे नही खाएगा और दाल चावल खाने में दिया, बच्चे ने नही खाया, शाम के समय उसने चिकित्सक से कहा बच्चा तो कुछ भी नही खा रहा, चिकित्सक ने कहा ठीक हो जाएगा, उसके बाद रात को बच्चे को भूख लगी, जिस पर पडोसी ने खाने को कुछ नही दिया, तो बच्चे ने वही दाल चावल खाया, फिर वह भूख लगने पर जो भी मिले खा लेता, इससे सीख मिलती है, भूख लगने पर जो भी खाने को मिले अच्छी लगती है |
कन्हैयालाल पडियारी@ 9522110855.
Posted on: Aug 19, 2018. Tags: CHHATTISGARH KANHIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
भईया बांधे ओ माया के कच्चा डोर...रक्षाबंधन गीत
ग्राम-बैजलपुर, ब्लाक-बोडला, जिला-कवर्धा (छत्तीसगढ़) से बाबुलाल नेटी रक्षा बंधन से सम्बंधित एक गीत सुना रहे है:
भईया बांधे ओ माया के कच्चा डोर-
जिन्दगी भर रक्षा करे रे तैय मोर-
दीदी बांधे हस माया के कच्चा डोर-
जिन्दगी भर रक्षा करे हव मै तोर-
हर साल सावन मा आही बहनी तोर-
देवता बना के पुजा करी हव भईया तोर-
दीदी जीजा भाचा भाची आही घर मोर गा-
जिन्दगी भर बड़के माया पाबे दीदी मोर-
भईया झन टूटे प्रीत के बंधना हा मोर-
जिन्दगी भर रक्षा करे हव मै तोर-
दीदी दिल के मन्दिर मा रखे हो तोर-
जीजा के घर मा मिल ही अड़बड माया हो-
दिल के मन्दिर बिठाही तब देखी संसार हो...
Posted on: Aug 19, 2018. Tags: BABULAL NETI CHHATTISGARHI SONG KABIRDHAM CG SONG VICTIMS REGISTER
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ-
रंग-रंग के चीज मिलथे बड़े-बड़े दुकान-
होटल में मिठाई बेचाथे, बैठाले गोफन-
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CHHATTISGARHIA MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA CHHATTISGARH VICTIMS REGISTER
किसीम-किसीम के नवा-नवा धान आगे, ओला खाके गवाबो प्राण...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण-
सचाई गुरमटिया बाशा भोर कि जमो ला लागिस रोग-
दुबराज भाढा दुबराज लक्ष्मी येमन ला छोड़ीन आज के लोग-
सफरी भाढा सफरी जो फुल ओला हम गहन भूल-
तुलसी फुल तुलसी मंजरी गुरमटिया ओहर कहा चल गिस यार-
बुढा बूढी कूड़ा खीरा साग ओला होगिस मलेरिया बुखार-
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण...
