आदिकाल से बसे आदिवासी...गीत-
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं:
आदिकाल से बसे आदिवासी-
जंगल में मंगल मनाते हैं-
वन हि इनके सगे संबंधी-
इन पर बलि बलि जाते हैं-
स्वच्छ अनिल है, स्वच्छ सुनिल है-
स्वच्छ वातावरण है-
ऊँचे ऊँचे पेड़ घनेरे स्वच्छ पर्यावरण है...
Posted on: Feb 29, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
मदद करने से आशीर्वाद मिलता है और परिश्रम से सफलता...
एक समय की बात है एक बुजुर्ग शक्कर लेकर अपने घर जा रहे थे, तभी पन्नी फट गई और शक्कर गिर गया, सौभाग्य से शक्कर साफ जगह पर गिरी तो वे उसे इक्कट्ठा करने लगे, उसी समय दो लड़की आई उसमे से एक ने उनकी मदद की और दूसरी खड़ी रही, जिससे बुजुर्ग खुश हो गये और उन्होंने लड़की को वर दिया कि तुम्हे अच्छा वर मिले कुछ साल बाद उसकी अच्छी जगह शादी हो गयी, फिर दोबारा लड़की उन बुजुर्ग से मिली और उन्हें बताया आपके कहे अनुसार मुझे अच्छा वर मिल गया है और मै अच्छे रह रही हूँ, इस तरह वर उसे ही मिलता है जो मदद करता है और सफलता उसे मिलती है जो लगन से परिश्रम करता है|
Posted on: Feb 27, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHRAV
रिस्तो में भरोषा होना चाहिये...कहानी-
एक जंगल में चार सांड रहते थे चारो में गहरी मित्रता थी सभी साथ रहते थे, जंगल का शेर भी उनसे डरता था, शेर सांडो को खाने की ताक में था, तो उसने योजना बनाई कि इनको अलग कर दिया जाय जिससे काम आशान हो जाये, फिर शेर चारो सांडो को अलग अलग कर बुलाया और उनके कान के पास अपने मुह को रखा, सभी एक दूसरे से पूछने लगे, शेर ने क्या कहा सभी बोले कुछ नहीं और आपस मतभेद करने लगे और अलग अलग रहने लगे जिसका फायदा शेर को मिला और उसने चारो सांडो एक एक कर खा लिया, इससे सीख मिलती है रिस्तो में भरोषा होना जरुरी है नहीं तो कोई भी हमें नुकसान पंहुचा सकता है|
Posted on: Feb 24, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARV
सुविचार...
राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व सुविचार सुना रहे हैं:
स्वामी विवेकानंद ने कहा था हर युवा को मजबूत होना चाहिये क्यों युवा मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा|
जवाहरलाल नेहरू ने कहा था आराम करना हराम है क्योकि जो व्यक्ति आराम करता है अपना समय नष्ट करता है इसलिये खुद को कुछ काम में उलझाकर रखना चाहिये|
जो मुर्ख हो उसे कोई समझा नहीं सकता इसलिये उसके पीछे ना जाकर अपना समय का सदुपयोग करना चाहिये|
Posted on: Feb 23, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARAV
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं...गीत
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से बिरेन्द्र गंधर्व एक गीत सुना रहे हैं :
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है हम आवाजों से कहते हैं-
ग्रामीणों की समस्यों का ये निदान कर देते हैं-
देर नही अंधेर सही है कल्याण कर देते हैं-
बन के धरोहर अपने सहोदर दिल में हमारे रहते हैं-
आवाजों से रिश्ता है ये आवाजों से कहते हैं-
सीजीनेट के कर्मचारियों को नमस्कार हम कहते हैं...
