हमारे गांव के सरकारी हाईस्कूल में 70 बच्चे और एक शिक्षक है, हम सोचते हैं स्कूल को बंद करा दें...

ग्राम-पड़ेंगा, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला-कांकेर (छतीसगढ़) से मोहन यादव ग्रामीण और स्कूल के बच्चो के साथ बातचीत कर रहे है, गांव में हाई स्कूल है जिसमे 70 बच्चे नामांकित हैl इस बिद्यालय में सिर्फ एक शिक्षक हैl बिद्यार्थी रेखा आचला और मनोज का कहना है शिक्षक नहीं रहने के कारन हम लोग का पढाई ठीक से नहीं हो पाता हैl ग्रामीण गांडूराम आचला बता रहे है शिक्षक समस्या के समाधान हेतु लिखित आवेदन दिए हैं, पर अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है,बिना शिक्षक वाले स्कूल में बच्चे पढकर कुछ नहीं कर सकते हैl ग्रामीण सुनने वाले साथियों से कलेक्टर@9425584388, जिला शिक्षा अधिकारी@9406412061, सरपंच@ 9407977798 से बात कर मदद करने की गुहार लगाये है...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG EDUCATION KANKER KOYALIBEDA MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER

चले जाति बाति लेया ये, चले गुगुरी ओ लडका...गोंडी शादी गीत...

ग्राम-उलिया, ब्लॉक-कोयलीबेडा, जिला -उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुमित्रा, बसंती, तनिषा और तिमा एक गोंडी शादी गीत सुना रहे है:
रे रेरेला रे रे रेला रे रे रेला रे रे रेला-
चले जाति बाति लेया ये – चले गुगुरी ओ लडका – पिन्जोरा बनाया सोने का – ताला लगाया रुसी से – जाति बाति लेया ये...

Posted on: Aug 30, 2018. Tags: CG GONDI KANKER KOYALIBEDA MARRIAGE MOHAN YADAV SONG

नई फसल की खुशी में आदिवासी समाज नवाखाई त्यौहार मनाते हैं, जिसमें सिर्फ पुरुष जा सकते हैं...

ग्राम पंचायत-कढाईखोदरा, ग्राम-पैवारी, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से जनपद पंचायत सदस्य-दयाराम दुग्गा, जिला सहकारी बैंक के संचालक- नरेन्द्र जी और साथी राजकुमार आदिवासी परंपरा नवाखाई के बारे में बता रहे हैं: नवाखाई के समय सबसे पहले गायता रखते हैं फिर उपवास के दौरान दूसरे दिन ठाकुर दाई में जाकर धान की बाली को चढाते है उसके बाद घर का मुखिया उपवास रह कर देवी देवता की पूजा-अर्चना करते हैं फिर पूरा परिवार मिल कर प्रसाद को ग्रहण करते है | नरेन्द्र जी बता रहे है कि नवाखाई का त्यौहार साल में एक बार ही होता है | राजकुमार जी का कहना है कि पूजा पाठ पुरुष ही करते है और ठाकुर दाई में पुरुष ही जा सकते है महिलाएं नहीं |

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CULTURE HINDI KANKER MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER

नाना सुडुना,नाना सुडुना खुल रहिना नाना ढगुराना...गोंडी में वर्षा पर कविता

कुमरम मोहन और आतरम विटल ग्राम-गुंजाला, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से गोंडी भाषा में बरसात के सम्बन्ध में एक कविता सुना रहे है:
नाना सुडुना,नाना सुडुना खुल रहिना नाना ढगुराना-
गुसुर से गुसुर से ढगुर आतोन आनी नावा तक्वाल-
नावा तक्वाल नावा तक्वाल ताड्स ना मोडियता नाना-
वितवाके रेल दून मोडिई वितोना...

Posted on: Aug 07, 2018. Tags: ADILABAD TELANGANA ATRAM VITHAL GONDI POEM KUMRAM MOHAN

तिरदा मैना वाता बाई उसर मंदा न वरतू चोकट मंदा न...गोंडी स्वास्थ्य गीत-

उटनूर, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से अरका मानिकराव अपने साथी धुर्वा मोहन से स्वास्थ्य पर गोंडी भाषा में एक गीत सुन रहे हैं :
रेला रेला रे रेला, रेला रे रेला रेला रे रेला-
तिरदा मैना वाता बाई उसर मंदा न वरतू चोकट मंदा न-
येडकी बोन वाते केदवा खाना दयाना जीव सुजर कियाना-
रेला रेला रे रेला, रेला रे रेला रेला रे रेला-
थरा-थरा पीनी वासे रे, बाई वो ज़ुरा ज़ुरा येडकी पियारे-
चोकोट लागे इंजेर निमे रोन मानमा बाई रोन मनमा...

Posted on: Aug 06, 2018. Tags: ADILABAD TELANGANA DHURWA MOHAN MANIKRAO

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