ट्रांसफार्मर के लिए 3 साल पहले अप्लाई किया था अधिकारी 1 लाख रू घूस मांगते हैं, नहीं लगा है...
ग्राम-बजराहपूर्वा, पंचायत-मालो, विकासखंड-चौबेपुर, जिला-कानपुर (उप्र) से KM भाई के साथ में राजेंद्र सिंह बता रहे है कि उन्होने 2014 में नए विद्युत ट्रांसफार्मर कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था J.E. द्वारा 1 लाख रूपये घूस माँगा| लेकिन घूस न देने की वजह से आज तक इनका काम नहीं हुआ| इसके लिए इन्होने उच्च अधिकारियों के पास शिकायत किया पर कोई कार्यवाही नहीं हुई | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर मदद का अनुरोध करें : चौबेपुर E.E.@9415909006, विद्युत वितरण खंड आगरा M.D.@5622605699, 5622601316, C.E.@9412748019, उर्जा मंत्री@01123717474. KM भाई@8756011826.
Posted on: Nov 04, 2017. Tags: KM BHAI SONG VICTIMS REGISTER
उम्मीद भरा एक दिया...
कच्चे हाथों की खातिर-
बिखरे रंगों की खातिर-
उम्मीद भरा एक दिया – बहती नदियों की खातिर-
सूखी फसलों की खातिर-
उम्मीद भरा एक दिया-
बनते–बिगड़ते अफ़सानों की खातिर-
टूट चुके अरमानों की खातिर-
उम्मीद भरा एक दिया – बुझते हुए सपनों की खातिर-
उम्मीद भरा एक दिया-
मरे हुए लोकतंत्र की खातिर-
उम्मीद भरा एक दिया ….
सभी की खुशहाली की खातिर
उम्मीद भरा एक दिया...
Posted on: Oct 19, 2017. Tags: KM BHAI
ले वेया केला ना लो इदा नो नालो...गोंडी गीत
ग्राम-जारम, पोस्ट-मेंढापाल, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से सुकमती मरकाम एक गोंडी गीत सुना रही है:
ले वेया केला ना लो इदा नो नालो-
कलोना मा रनडो अयो रंडु नानू-
नानो केलो निन्ना केला नानो-
इदा नो नानो केला मामा-
रनडो अयो रंडु नानू...
Posted on: Oct 12, 2017. Tags: SONG SUKMATI MARKAM VICTIMS REGISTER
अले वेकेला नानो वया वे निंदिया बेनो प्या प्या बेनो नानो वया वे...गोंडी गीत
ग्राम-जारम, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से पांडो मंडावी और सुकमती मरकाम एक गोंडी गीत सुना रही है:
अले वेकेला नानो वया वे-
निंदिया बेनो प्या प्या बेनो नानो वया वे-
तुमाड़ो तमन्न वे येर पुन्गार पा लोनन वे-
नानर कोवा नान वे तुमाड़ो तमन्न वे...
Posted on: Oct 11, 2017. Tags: PANDO MANDAVI SUKMATI MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
एक छोटे से झरोखे से झांकती...महिला दिवस पर कविता
कानपुर (उतरप्रदेश) से के एम भाई महिला दिवस के अवसर में एक कविता सुना रहे है और कह रहे हैं साथियों महिला दिवस की शुभकामनाओं के साथ एक रुख अपने घर के उन झरोखे की तरफ भी करियेगा जो सदियों से खुले आसमान का इन्तजार कर रहे हैं :
एक छोटे से-
झरोखे से झांकती-
फड़ फड़ाते हुए-
चंद छड़ों में उड़ जाती-
ची ची करते करते-
एक मीठा गीत-
गुन गुना जाती-
अपने ही लफ्ज़ों में-
प्रेम का रस-
बहा कर-
रंग-बिरंगे सुरों में-
प्रेम सुधा-
बरसा जाती है वो-
नटखट अंदाज से-
मेरा दिल छू जाती-
अपनी एक झलक से-
मेरा सारा दर्द-
मिटा जाती है वो-
चंद अफसानों से-
मेरी सारी दुनिया-
सजा जाती-
एक मीठी खुशबू-
बहा कर-
रंग- बिरंगे सुरों में-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो-
प्रेम- सुधा-
बरसा जाती है वो...

