मेरे हिसाब से शिक्षा तथा आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देना चाहिए तभी हिंसा में कमी अ सकती हैं...
संबलपुर (उड़ीसा) से विजय कुमार बेहरा जनमत सर्वेक्षण के सन्दर्भ पर अपनी विचार बता रहें हैं की ये जो बस्तर में लोगों साथ हो रहीं हिंसा को समाप्त या कम करने के लिए सबसे पहले जागरूकता तथा शिक्षा की ज्यादा जरूरत हैं तभी जाकर हिंसा से उभर आयेंगे इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने में कम होगी और जो आर्थिक स्तिथी कम उसमे भी सुधार आ जाएगी यही मेरी राय हैं.RK
Posted on: Oct 01, 2020. Tags: PEACE SURVEY HINDI SONG VICTIMS REGISTER
मोर छत्तीसगढ़ के चंदन माटी, सोना के खदान...गीत-
ग्राम-लोटमा, ब्लाक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से संपत यादव एक गीत सुना रहे हैं:
मोर छत्तीसगढ़ के चंदन माटी-
सोना के खदान-
जिंहा ले कोयला हीरा निकल गये-
छत्तीसगढ़ है महान-
मोर छत्तीसगढ़ के चंदन माटी-
सोना के खदान...(AR)
Posted on: Oct 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
हिंसा छोड़ो शांति अपनाओ...कविता-
रायपुर (छत्तीसगढ़) से भागीरथी वर्मा बस्तर में चल रहे शांति प्रकृया पर एक कविता सुना रहे हैं:
जागो मजदूर जागो किसान-
जागो आदिवासी-
जागो पुलीस जागो नक्सली जागो-
जागो मववादी-
हिंसा छोड़ो शांति अपनाओ-
हिंसा हिंसा को बढ़ावा देता है... (AR)
Posted on: Oct 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
भारती पुकारती, संस्कृति गुहारती...गीत-
सुरेश कुमार, बड़वानी (मध्यप्रदेश) से एक गीत सुना रहे हैं:
भारती पुकारती, संस्कृति गुहारती-
जाग नौजवान जाग राह पथ पुकारती-
भारती पुकारती, संस्कृति गुहारती-
जाग और जग जगा...(AR)
Posted on: Oct 01, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
मध्य भारत की नई शांति प्रक्रिया में आपका स्वागत है...
इस सन्देश को हिंदी में सुनने के लिए 1 दबाइये, इसी सन्देश को गोंडी भाषा में सुनने के लिए 2 दबाइए और हल्बी में सुनने के लिए 3 दबाइए
आज से ठीक 40 साल पहले, 1980 के साल में, बारिश के बाद, लगभग इसी समय नक्सली आंदोलन के नेता, दण्डकारण्य के जंगलों में पहली बार आए थे | दण्डकारण्य का जंगल, जैसा आप जानते हैं आँध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओड़िशा और मध्यप्रदेश यानि इन 6 राज्यों में फैला हुआ है |
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 20 सालों में ही माओवादियों और पुलिस के बीच चल रही इस हिंसा में 12 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं इसमें 2700 पुलिसकर्मी थे और शेष 9300 आम नागरिक | गैर सरकारी अनुमान के अनुसार मृतकों की संख्या इससे काफी अधिक है क्योंकि जंगल के अंदर के इलाकों में हो रही हत्याओं की अक्सर रिपोर्टिंग नहीं होती
हम आपसे आपकी राय पूछना चाहते हैं कि लगातार 40 सालों से चल रही इस हिंसा से, जिससे आम नागरिक रोज़ाना परेशान हो रहे हैं और हज़ारों की संख्या में परिवार बर्बाद हो रहे हैं, उसे कैसे रोका जा सकता है?
यदि आप समझते हैं कि यह एक राजनैतिक समस्या है और इसका समाधान बातचीत करके निकालना चाहिए तो कृपया अपने फोन के की बोर्ड पर 1 दबाइए
यदि आपको लगता है कि इस समस्या को हिंसा यानि पुलिस और मिलिट्री की मदद से ही हल किया जाना चाहिए तो कृपया 2 दबाए
यदि आप इस समस्या को कैसे हल किया जाए इस पर अपनी बात विस्तार से रखना चाहते हैं तो कृपया 3 दबाकर अपना सन्देश रिकार्ड कीजिए | 3 दबाने के बाद बीप की ध्वनि के बाद बोलना शुरू कीजिए और आपको अपनी बात 3 मिनट में पूरी करनी है
सन्देश के पहले अपना नाम और पता ज़रूर बताइए
आपका सन्देश रिकॉर्ड करने के बाद उसे कन्फर्म करने के लिए फिर से 1 दबाइए
आपका सन्देश रिकॉर्ड हो गया है
यदि आपसे कोई भूल हुई है या आप इस पूरे सन्देश को फिर से सुनना चाहते हैं तो कृपया 0 दबाइये
इस जनमत सर्वेक्षण का परिणाम हम आपको अगले 2 अक्टूबर को होने वाली नई शान्ति प्रक्रिया की चुप्पी तोड़ो ई रैली के दौरान बताएंगे | आपका अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद |
