मशीन अब आ गए है गवाई में, गांव कर बहन भैया पड़ गए है नोट के कमाई में...कविता-

ग्राम-देवरी, पोस्ट-थाना, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
मशीन अब आ गए है गवाई में-
गाँव कर बहन भैया पड़ गए है-
नोट के कमाई में-
ये नोट कमाई में भैया-
करत है पुलाई-
एक दिना ये नोट हर-
आला मली जीवा ला लेके जाई-
पड़ गए है नोट के कमाई में...

Posted on: Dec 31, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

माता पिता जनम देहिस धरती में ठहराईस...कविता -

नए वर्ष की शुभकामना के साथ ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
माता पिता जनम देहिस धरती में ठहराईस – ये धरती हर पालन करिस जीवन ला बचाईस – बैमान मुर्ख धरती ला बेचे समझ नही पाईस –
माता पिता सबो कर ये धरती हर इतिहास ला बताईस – सैतान बैमान ये धरती ला रकम बनाईस सोच नही पाईस...

Posted on: Dec 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

नवा साल आवत है, बोकरा मुर्गी मन घबरावत है...कविता -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नये साल के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है:
नवा साल आवत है-
बोकरा मुर्गी मन घबरावत है-
का होई हमार जीवन हर पानी-
भीतर मछली मन डरावत है-
नाचते गाते डीजे बजाते-
आउर दारु के नदियाँ बहाते-
देख के तमाशा ला-
मुश्वा गला घबरात है..

Posted on: Dec 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

नवा साल आवथे, बोकरा मुर्गी डरावथे...नए वर्ष पर कविता -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नया साल के आने पर एक कविता सुना रहे हैं :
नवा साल आवथे, बोकरा मुर्गी डरावथे – का होही हमर जीवन हर पानी भीतरी मछरी मन घबरावथे – नाचथै गाथै डीजे बजाथै – दारू कर नदिया बहाथैं – तमासा ला देख के मुसुवा मन घबराथै – नवा साल आवथे, नवा साल आवथे...

Posted on: Dec 27, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

सीटी की तर्ज में सरगुजिहा गीत...होली है -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया आज सीटी की तर्ज में एक सरगुजिहा फागुन गीत सुना रहे है: होली है...कैलाश पाया गाय चराते हैं होली आने में तो अभी देर है पर गाय चराते चराते जब भी उनको खाली समय मिलता है वे सीजीनेट के श्रोताओं के साथ अपने गीत, अपनी बांसुरी की धुन और आज सीटी से फागुन गीत सुना रहे हैं. वे पढ़े लिखे नहीं हैं, बचपन में उनको स्कूल जाने का मौक़ा नहीं मिला पर वे कहते हैं कि उनको भगवान का दिया कम्प्युटर बहुत तेज है. वे अपने ही दिमाग में कविता और गीत की रचना करते हैं धुन कहीं से सुनते हैं या खुद भी बनाते हैं और अपने मोबाइल फोन से गाय चराते चराते इन गीत, कविता और कभी बांसुरी और सीटी की धुनों को हम सभी को सुनाते हैं. वे बहुत सी समस्याएँ भी हल कर लेते हैं...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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