वनांचल स्वर: मक्के का पेज बनाकर पीने से गर्मी से राहत मिलती है, गाय के लिए भी बहुत उपयोगी...

ग्राम तोरखुडु, पंचायत-हनुमानपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से पांडुराम कतलामी बता रहे हैं कि वो लोग मक्का की खेती किस प्रकार करते है और उसके उपयोग के बारे में भी बता रहे है: वे कह रहे हैं कि हम लोग मक्का उगाने के लिए सबसे पहले हल चलाते है उसके बाद मक्का के बीज को बो देते है | जब मक्का थोड़ा बड़ा हो जाता है तब हम मक्के के साथ जो घास उगता है उसको उखाड़ कर फेक देते है (निदाई करते है) जब मक्का खिल जाता है (फल जाता है)तब हम मक्का के पत्ती को काट कर गाय बैल को खिलाते है इससे गाय भैंस स्वस्थ रहता है और बहुत दूध देती है हम मक्का को भूंज कर भी खाते है और उसका पेज बनाकर पीते है जिससे गर्मी के मौसम में राहत मिलती है |

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG HINDI KANKER PANDURAM KATLAMI AGRICULTURE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

नई फसल की खुशी में आदिवासी समाज नवाखाई त्यौहार मनाते हैं, जिसमें सिर्फ पुरुष जा सकते हैं...

ग्राम पंचायत-कढाईखोदरा, ग्राम-पैवारी, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से जनपद पंचायत सदस्य-दयाराम दुग्गा, जिला सहकारी बैंक के संचालक- नरेन्द्र जी और साथी राजकुमार आदिवासी परंपरा नवाखाई के बारे में बता रहे हैं: नवाखाई के समय सबसे पहले गायता रखते हैं फिर उपवास के दौरान दूसरे दिन ठाकुर दाई में जाकर धान की बाली को चढाते है उसके बाद घर का मुखिया उपवास रह कर देवी देवता की पूजा-अर्चना करते हैं फिर पूरा परिवार मिल कर प्रसाद को ग्रहण करते है | नरेन्द्र जी बता रहे है कि नवाखाई का त्यौहार साल में एक बार ही होता है | राजकुमार जी का कहना है कि पूजा पाठ पुरुष ही करते है और ठाकुर दाई में पुरुष ही जा सकते है महिलाएं नहीं |

Posted on: Aug 27, 2018. Tags: CG CULTURE HINDI KANKER MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER

गोटुल में हम अपने नियम क़ानून की चर्चा करते हैं, शादी भी यहीं होती है, यह गाँव का पुराना स्थान है...

ग्राम पंचायत उलिया, विकासखण्ड-कोयलीबेड़ा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोम आतरम, बुधुराम वड्डे बता रहे है कि अभी गाँव के लोगो के साथ गोटुल में एक बैठक चल रही है ये गोटुल पूर्वजो का बनाया हुआ है ऊपर में छत वगैरह रिपेयरिंग किया है इस गोटुल में सभी गाँव के लोग बैठते हैं और सभी लोग बैठ कर गाँव की पूजा पाठ के बारे में चर्चा करते हैं और गाँव के लोगों की गोटुल में ही शादी होती हैं | हर नियम कानून के बारे में गोटुल में ही बैठ कर तय किया जाता हैं जो भी गाँव के लोग गलती करते हैं उसको गोटुल में ही निर्णय करते हैं |वे कह रहे हैं कि यहां अधिक लोग गोंडी जानते हैं और हिंदी कम जानते हैं और सरकार को अन्य भाषाओं की तरह गोंडी को भी मान्यता देना चाहिए

Posted on: Aug 26, 2018. Tags: BUDHURAM WADDE CULTURE KANKER CHHATTISGARH SOM AATRAM SONG VICTIMS REGISTER

आजकल जल, जंगल, ज़मीन सबको बर्बाद किया जा रहा है : 105 वर्ष के बुजुर्ग (गोंडी भाषा में)...

ग्राम-सोडे, तहसील एवं ब्लॉक-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से उत्तम आतला के साथ एक दादा जुड़े है उनका उम्र 105 वर्ष है और स्वस्थ हैं चल फिर सकते हैं. वे पहले के समय और उस समय की संस्कृति के बारे में गोंडी भाषा में बता रहे है, वे कह रहे हैं कि पहले का जो जमाना था वो बहुत अच्छा जमाना था | लेकिन आज की दुनिया दिनों दिन खराब की ओर बदलती जा रही है. जल, जंगल, जमीन को काटा जा रहा है और बेच दिया जा रहा है और बड़े-बड़े नदियों के ऊपर डेम बनाकर पानी को रोका जा रहा है और बोल रहे है कि पहले के ज़माने में तीन मुट्टी चावल 10 लोगो को हो जाता था लेकिन आज का ज़माना पूरा बदल रहा है| उत्तम आतला@9404984750.

Posted on: Aug 20, 2018. Tags: CHHATTISGARH CULTURE GONDI KANKER UTTAM ATALA

स्वास्थ्य स्वर: 5 कली मिर्च, 5 तुलसी, 5 नीम की पत्ती का सेवन कर पूरे वर्ष भर स्वस्थ रह सकते हैं...

जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी बता रहे हैं, भारतीय सभ्यता, संस्कृति में त्यौहारों का अपना अलग ही महत्व है, सर्वधर्म संभाव की भावना लिए हुए, यहां अनेक जाति और सम्प्रदाय के लोग निवास करते है, सभी धर्म का त्यौहार मानते हैं, इसी तरह से हिन्दू धर्म में हरेली त्यौहार का भी विशेष महत्व है, जो सावन के महीने में मनाया जाता है, इस मौसम में सभी तरफ हरियाली होती है, सुन्दर दृश्य होता है, इस पर्व के दिन किसान खेती नही करते, केवल देख रेख करते हैं, और सभी मिलकर ये त्यौहार मनाते हैं, एक मान्यता के अनुसार परंपरागत वैद्य अपनी विधा को कारगर बनाने के लिए औषधियों की पूजा करते हैं, यदि स्वस्थ व्यक्ति इस ऋतु में 21 दिन तक 5 कली मिर्च, 5 तुलसी और 5 नीम की पत्ती का सेवन करे तो पूरे वर्षभर स्वस्थ रह सकता है |

Posted on: Aug 14, 2018. Tags: CULTURE HEALTH MUNGELI CHHATTISGARH RAMAKANT SONI SONG VICTIMS REGISTER

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