धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो, ये धरती ला काट काट...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-ओमझर, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजकुमार एक डोमकच्छ गीत सुना रहे हैं:
धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो-
ये धरती ला काट काट-
चौरा छवावे रे झालर खुटा लो रे मोर मडवा छनाय-
धरती ला काट-काट ये चौरा छवावे लोलो...
Posted on: Feb 25, 2019. Tags: CG ODGI RAJKUMAR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता...लोकगीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक लोकगीत सुना रहे है:
सोची-सोची जिया हमरो काहे घबराता-
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता-
शहर में खोजनी बा जरिया बजरिया-
कतई बलम भी न आवेले नजरिया-
कतनो लगावा तानी लगात नहीं के पता-
दरोगा जी हो चार दिन से पियावा फल पाता...
Posted on: Feb 25, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जल बचाओ का पाठ पढ़ा रहे शहर के निवासियों की, जल है तो जीवन है...
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मुजफ्फरपुर शहर में पानी की व्यवस्था को लेकर जानकारी दे रहे है वह बता रहे है कि राज्य सरकार के 7 सूत्रीय कार्य योजना के तहत घर-घर नल जल योजना थी उसी के तहत शहर में नल जल का घर घर काम चल रहा है, वह पानी को लेकर चिंतित भी है सुनील कुमार बता रहे है सरकार का तो काम है ही पानी घर घर पहुँचाने का लेकिन लोगो की भी जिम्मेदारी बनती है की हम व्यर्थ में पानी को नही बहने दे पानी उतना ही ले जितना खर्च करना है, अभी शहर में हेंडपम्प का पानी भी निचे चला गया है एक समय था जब पानी की ज्यादा समस्या नही थी लेकिन पानी का ज्यादा दोहन करने से एवं व्यर्थ में बहा देने से दिनों दिन कम होता जा रहा है...
Posted on: Feb 24, 2019. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी...कविता-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी-
एक दिन हर रूप पे कुछ झुर्रियां रह जायेंगी-
जिन्दगी की हर कथा का अंत देखा है यही-
आंसुओं की एक कथा सिसकियाँ रह जायेंगी-
लाख करले हम जतन पर सत्य कहता है यही-
छोड़ जाएंगे जहां ये बस्तियां रह जायेगीं – लाख करले हम जतन पर मुस्कुराकर-
सबके हिस्से तय सुदा एक अँधेरा दोस्तों-
आपके पास ही क्या कुछ बिजलियाँ रह जायेंगी-
शान-शौकत और रुतबा कब तलक रहता यहाँ-
तुम हटोगे और हसती कुर्सियां रह जायेंगी-
फूल तो मुरझाएंगे बस तितलियाँ रह जायेंगी...
Posted on: Feb 23, 2019. Tags: SONG VICTIMS REGISTER sunil kumar
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पलाश के पत्तल में भोजन करने पर खून शुद्ध होता है...
पत्तल-दोने में भोजन करने के गुण- पलाश के पत्तल में भोजन करना सोने के बर्तन में भोजन करने के बराबर होता है केले के पत्तल में भोजन करना चांदी के बर्तन में भोजन के बराबर है.पलाश के पत्तल में भोजन करने पर खून शुद्ध होता है इसी तरह कई बृक्ष हैं जिनके पत्तल में भोजन करने से बीमारी तक ख़त्म हो जाती है यह प्रथा पहले चलती थी लेकिन अब बर्तनों के चलन में इनको नजर अंदाज किया जा रहा है इसके लिए तो आन्दोलन तक चलाये गए जैसे चिपको आन्दोलन। आज के आधुनिक बर्तनों के रख-रखाव में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है जैसे उन्हें धोने पर पानी की जरूरत होती है जिसके कारण पानी का नुकसान होता है इसलिए हमारे पूर्वज पत्तलों के ऊपर ज्यादा निर्भर हुआ करते थे | सुनील कुमार@9308571702



