ठंड ठंड डंगुर डाले भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले...गोंडी गीत
ठंड ठंड डंगुर डाले भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले
भुनसारे डंगुर हा डाले तीह परी हा डाले भुनसारे डंगुर हा डाले
रोज रोज हा डंगुर डाले भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले ।
उड़िये री तिर्की जैसी नाल उरकाटा जैसे बैस नाल
डंगुर ते जावा उ डाले भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले ।
इरुं पारी सी खुंटा टा ले मम्मी ल दुकानू डाले इरुं पर ले कुन टन टाले
मम्मी सी गुजारा किया न भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले ।
ठंड ठंड डंगुर डाले भोयन बाई ठंड ठंड डंगुर डाले ।
Posted on: Nov 04, 2013. Tags: Hempushpa Yadav
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकून नींद लागता...गोंडी गीत
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकून नींद लागता
भैया पढे किम भाभी पढे किम भैया पढे किम भाभी पढे
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकुल नींद लागता
जागे माम्ट आदिवासी निकुल नींद लागता
चाचा पढे कीम चाची पढे किम
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकुल लागता
दादा पढे किम दादी पढे किम
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकुल नींद लागता
पापा पढे किम मम्मी पढ़े
जागे माम्ट आदिवासी इतल बातल निकुल नींद लागता
Posted on: Oct 28, 2013. Tags: Hempushpa Yadav
चालो चालो ला जुवानिया जंगल बचाओ...एक भीली गीत
हेमपुष्पा यादव ग्राम आलमपुर पोस्ट चिचोली जिला बैतूल मध्यप्रदेश से एक भीली गीत गा रही हैं | जहां वे जंगल को बचाने का अनुरोध कर रही हैं:
चालो चालो ला जुवानिया जंगल बचाओ
जंगल बाचे ते आदिवासी जीए
चालो चालो ला जुवानिया जंगल बचाओ…
जंगल बाचे तो जडी बूटी बाचे
जडी बूटी बाचे तो डाक्टर का खर्चा बाचे
चालो चालो ला जुवानिया जंगल बचाओ…
