स्वास्थ्य स्वर : बीमारी के वक्त लोगों को परहेज करने की आवश्यकता होती है...
छोटे डोंगर, नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गांव के वैद्य हेमचंद मांझी से चर्चा कर रहे हैं| वे बता रहे हैं कि उनके पास कैंसर, दमा, मिरगी बीमारी से पीड़ित लोग आते हैं| वे बता रहे हैं| जो व्यक्ति केंसर से पीड़ित हैं| वे हल्दी, उड़द की दाल, कुंदरू, बूंदी, कोचई, आम, ईमली खटाई का सेवन न करें | परहेज करने से ही बीमारी को ठीक किया जा सकता है| बीमारी से संबंधित जानकारी के लिये दिये गये नंबर संपर्क कर सकते हैं : वैद्य हेमचंद मांझी@9407954317.
Posted on: Jun 27, 2022. Tags: CG HD GANDHI NARAYANPUR SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : शक्ति वर्धक चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका-
प्रयाग विहार, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी शक्ति वर्धक चूर्ण बनाने का घरेलू तरीका बता रहे हैं, जिसका उपयोग कर लाभ लिया सकता है| नुस्खे के में बारे जानकारी के लिये संदेश को सुने और अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| पूरी जानकारी प्राप्त कर ही नुस्खा उपयोग करें| संपर्क नंबर@ 9111061399.
Posted on: Jun 20, 2022. Tags: CG HD GANDHI HELTH RAIPUR
होली की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी होली की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं:
होली का रंग उमगो के साथ और शालीनता के साथ मनना चाहिए ध्यान रहे कुछ जगह रंग गुलाल के जगह अन्य चीजो का भी प्रयोग करते हैं-
Posted on: Mar 18, 2022. Tags: CG GANDHI HAPPY HD HOLI RAIPUR
बस्तर मांगे आजादी
ग्राम-पंचायत कोर्गी (निलकंटपुर) ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुखदेव जी अपनी विचारधारा बता रहे है बस्तर में जो नक्सलीयों का आतंक है उसे खत्म करने के लिए सरकार को कोई रास्ता निकालना चाहिए | इसमे माओवादी, सरकार ,पुलिस तमाम जनता मिलकर कोई रास्ता निकाले जिससे बस्तर मे नक्सली हिंसा खत्म हो जाए और बस्तर आजाद हो जाए | अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@ 6262119523.
Posted on: Jan 17, 2022. Tags: CG MATTER OF PEACE PRATAPPUR SUKHDEV KORGI SURAJPUR
पीड़ितों का रजिस्टर: गाँव के 2 लोगों की मुखबीर करार देके हत्या, डर से आधा गाँव खाली...
सुखदेव कचलाम, ग्राम बोगान कोयलीबेड़ा से 20 किमी दूर नारायणपुर जिला, बताते हैं कि माओवादियों ने उनके गाँव के 2 लोगों को मुखबिरी का आरोप लगा कर मार डाला। उनसे जुड़े हुए कार्यकर्ताओं से उन्हें भनक लगी कि माओवादी उन्हें भी मुखबीर समझ कर उनपे भी नजर रखे हुए हैं, जिसके बाद वे अपनी बच्ची को डॉक्टर को दिखाने के बहाने से 2009 में नारायणपुर आ गए। कुछ दिन बाद उनकी पत्नी भी वहाँ आ गईं। वे बताते हैं कि वे गायत्री परिवार से 1997 से जुड़े हुए हैं और जिन 2 लोगों की माओवादियों ने हत्या की, वे भी गायत्री परिवार से जुड़े हुए थे। वर्तमान में वे गुडरीपारा, नारायणपुर मे रहते हैं व घरों में बिजली का काम करते हैं। उनकी माँ अभी भी गाँव में खेती-बाड़ी करती हैं। उनके गाँव के 14-15 परिवारों में से 7 परिवार माओवादियों के डर से नारायणपुर में ही रहते हैं। उन्हें 2012-13 में सरकार से रु 30,000 सहायता राशि मिली, लेकिन उसके अलावा ना रहने को जमीन मिली, ना जीवन यापन के लिए नौकरी। वे अभी भी पुनर्वास योजना की आस में हैं। संपर्क नंबर @942414873

