पीड़ितो का रजिस्टर: नक्सलियों के डर से विस्थापित हुए ग्रामीण...
ग्राम-पंचायत अरेंज, ब्लाक-कुस्कुरी, जिला-बीजापुर, (छत्तीसगढ़) से अजय धुर्वा बता रहे है 2010 में नक्सलियों के डर से उन्होंने अपने गांव छोड़कर बीजापुर जेल वाड़ा में आकर अभी रह रहे हैं के गांव में उनके चाचा चाची रह रहे हैं कभी कभी अपने गांव में जाते हैं लेकिन उनको डर बना रहता है अभी अपने मम्मी पापा के साथ वर्तमान में बिजापुर जेल वाड़ा में अपना जीवन यापन कर रहे हैं|
Posted on: Jan 17, 2021. Tags: BIJAPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
मिले खातिर दिल बेकार काहे होला...भोजपुरी गीत-
अमृत जिला-सिद्धार्थनगर (उत्तरप्रदेश) से एक भोजपुरी गीत सुना रहें है:
मिले खातिर दिल बेकार काहे होला-
प्यार में लोगवा बीमार काहे होला-
केतना छुपाई ला प्यार नही छुपे ला-
गांव-गांव गली गली सोर मच जाला-
नियम अधिनीद कार काहे होला-
मिले खातिर दिल बेकार काहे होला...(183611) GT
Posted on: Jan 07, 2021. Tags: BHOJAPURI SONG SONG VICTIMS REGISTER
डहर बतायें सबो ला तैहर जी...छत्तीसगढ़ी भजन-
ग्राम-डोंगापोह राउत, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से हेमलाल पटेल एक छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहें हैं:
डहर बतायें सबो ला तैहर जी-
धन-धन है भगवान्-
दाई दादा अउ गुरु चरण मा-
ज्योत जलाओ माँ-
जियत देवता हवे सबो घर-
कर लो अपन चिन्हारी-
डहर बतायें सबो ला तैहर जी-
एक जन्म मा एक बार मिल थे...
Posted on: Jan 05, 2021. Tags: CG SONG JANJGIR CHAPA CG SONG VICTIMS REGISTER
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा... नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा-
दुनिया में पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
दुनिया के चोरी हारी में ना जाबे रे मनवा-
पाप आहे पाप से भरल आहे ये दुनिया में-
चारों कोना में चारों में आहे अंधियारा-
ये दुनिया के लोभ लालच में ना जाबे रे मनवा...(183426) MS
Posted on: Jan 02, 2021. Tags: NAGAPURI SONG VICTIMS REGISTER
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...नागपुरी गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संध्या खोल्खो एक नागपुरी गीत सुना रही है:
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
दिन बीतथे रे बहिन मन आत्मा के सजावा-
हायरे दुनिया मिट जा हायरे सुंदर काया मट्टी में मिल जा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा-
येशु के वचन के आवा सुना भैया-
महसी के वचन के दिल में जुगावा-
समय नके रे भाई मन आत्मा के सिंगरावा...(183425) MS
