मै सीजीनेट के कार्यक्रम में शामिल हुआ, नाटक देखा, संदेशो को सुना, बहोत अच्छा लगा-
पंचायत-छिंदावाडा, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से चैतराम नाग बता रहे हैं| वे सीजीनेट के कार्यक्रम में शामिल हुए| नाटक देखा, संदेशो को सुना | हल्बी भाषा में होने से वे बात ठीक से समझ पाये| उन्हें बहोत अच्छा लगा| वे शिक्षक है| कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने देखा| किस तरह से लोग अपने संदेश को रिकॉर्ड करते हैं| सभी तक पहुचाते हैं| और कैसे उसे हल कराने के लिये प्रयास करते हैं| यह समाज के लिये एक सराहनीय कार्य है| इसके लिये लोगो आगे आना चाहिये|
Posted on: Apr 24, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG DARBHA JAGDALPUR STORY
पीनेका, ऐ पिटेकन, नेड पिटेकन, नए बुलो वैया नोनी...गोंडी शादी गीत-
ग्राम-मामडपाल, ब्लाक-दरभा, जिला-जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़) से फूल सिंग पोडयामी गोंडी में एक शादी एक गीत सुना रहे हैं :
पीनेका, ऐ पिटेकन, नेड पिटेकन-
नए बुलो वैया नोनी-
पीनेका, ऐ पिटेकन, नेड पिटेकन-
नए बुलो वैया नोनी-
कु विमान गिनगु गमण-
इसड वैया...
Posted on: Apr 19, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG JAGDALPUR SONG VICTIMS REGISTER
5 साल से लोग देवी की पूजा कर रहे हैं, लोगो अपनी मनोकामना लेकर मंदिर में जाते हैं-
ग्राम-कामानार, विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल बता रघे हैं| गांव में देवी पूजा का कार्यक्रम चला रहा है | ग्रामवासी का ये पारंपारिक त्योहार हैं|निवासी मायाराम नाग जो गांव के सरपंच है| बता रहे हैं| उनका गांव सुकमा रोड के पास स्थित है| जगदलपुर से 25 किलोमीटर दूरी पर है| वे पांच साल से इस त्योहार को मना रहे है| वहां पर हर मंगलवार और शनिवार को भक्तो का भीड़ लगता है| लोगो की माता पर आस्था और विश्वाश है| भक्त अपनी मनोकामना लेकर उस स्थान पर जाते हैं | और पूजा पाठ करते हैं |
Posted on: Apr 19, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG CULTURE JAGDALPUR SONG STORY VICTIMS REGISTER
मेता ते ने यदुतुने दाय, ता लेने राम...धुर्वा गीत-
विकासखण्ड-दरभा, जिला-जगदलपुर (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल ग्राम वासियों के साथ एक धुर्वा गीत सुना रहे हैं ये गीत धुर्वा समुदाय के लोग अपने बोली में गाते हैं| इस गीत को वे लोग शादी व्याह के अवसर पर गाते हैं| यह उनका पारंपरिक लोक गीत है|
मेता ते ने यदुतुने दाय-
ता लेने राम-
आबो रा राय दे दे...
Posted on: Apr 15, 2019. Tags: BHOLA BAGHEL CG JAGDALPUR SONG
2007 में ढाबा का काम शुरू किया था, आज राहगीरों को खाना खिलाकर अपना जीवन यापन करते हैं...
जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से भोला बघेल कोंडागांव के सांथी सुरेश कश्यप से चर्चा कर रहे हैं| सुरेश कश्यप एक ढाबे के मालिक हैं| उन्होंने 2007 से ढाबा की शुरुआत किया था| इस काम को उन्होंने खुद काम कर जुटाये पैसे से शुरू किया था| सड़क के किनारे सुरेश की जमीन होने से उन्होंने ऐसा करने का सोचा और आज वे खुद अपनी जीविका तो चला ही रहे हैं साथ ही कुछ लोगों को रोजगार भी दे पा रहे हैं |इस तरह से वे राहगीरों को खाना खिलाकर अपना जीवन यापन करते हैं |
