पीड़ितों का रजिस्टर: पहले नक्सल संगठन का हिस्सा थे, हिंसा ने गांव छोड़ कर भागने को मजबूर किया...
मेहर सिंह नेताम (30) अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ 2017 से ग्राम चारगांव, ब्लॉक कोयलीबेड़ा, जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ में रहते हैं। माओवादी हिंसा के कारण उन्हें अपना गाँव मनहकाल, ब्लॉक कोयलिबेड़ा, कांकेर जिले में रहते थे। वह उस समय नक्सली संगठन का हिस्सा थे। हिंसा की स्थिति ने उन्हें अपनी जमीन और अन्य चीजें पीछे छोड़ कर चारगांव में प्रवास करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्हें सरकार से कोई मदद नहीं मिली। वे सरकार से नए घर के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। संपर्क नंबर@7803880080.
Posted on: Jun 20, 2022. Tags: KANKER KOYLIBEDA LAND MAOIST VICTIM MEHER SINGH NETAM VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: मेरे बड़े भाई को नक्सलियों ने मुखबीर बता कर मार डाला...
रामदयाल यादव, जो कि पिछले 19 साल से अपना गांव संजयपारा छोड़ कर भानुप्रतापपूर में रहते हैं, बता रहे हैं कि नक्सलियों ने मुखबीर समझ कर उनके बड़े भाई की आमाबेड़ा के पास हत्या कर दी गई थी। उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिली है। उनकी मांग है कि उनके बच्चों को नौकरी मिलनी चाहिए जिससे उनका जीवन यापन हो सके। संपर्क नंबर- 9630660684
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: BHANUPRATAPPUR CG KANKER MAOIST VICTIM RAMDAYAL YADAV VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: आत्मसमर्पण के बाद नक्सलीयों ने परेशान करने लगे,
ग्राम पंचायत-करमरी, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सेरम पिता-धनिराम बता रहे हैं कि वे नक्सल पीड़ित हैं| उनके पिताजी नक्सली संगठन में काम करते थे| उनके आत्मसमर्पण के बाद नक्सलीयों ने परेशान करने लगे| इस कारण उन्होंने अपने मूल गाँव को छोड़कर दूसरे जगह आकर बस गए| पीड़ितों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में थोड़ी सी जमीन व राशन कार्ड के अलावा उनको कुछ नहीं मिला है| अब उनके पिताजी की मृत्यु हो चुकी है और घर में कमाने वाले नहीं हैं| उनकी मांग हैं कि परिवार के सदस्य को नौकरी दिया जाए| अधिक जानकारी के लिए| संपर्क नंबर@6267228867.
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: CG DISPLACED KILLED MAOIST VICTIM NARAYANPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों से डर कर गाँव छोड़ना पड़ा
ग्राम कुलानार जिला कोंडागांव छत्तीसगढ़ से राधा नेताम बता रही है मैं 10वी पढ़ रही थी तब मुझे नक्सलियों ने पकड़ कर संगटन में ले गए थे मैं नक्सली संगटन में तीन साल काम कियी हूँ, 2004से 2007 तक रही हूँ! मैं वह से आ कर राजेश नेताम से शादी की थी वो ख़त्म हुए है 2014-15 को राजेश नेताम बीमार था. मेरे माँ का गाँव कुलानार है जिला कोंडागांव मेरे पती भी कोंडागांव के ही थे उसके बाद मैं वारंट काटके मैं स्कूल में काम कर रही थी ,फिर कांकेर जिला से वारंट खोल के कांकेर से पकड़ ने आ रहे थे फिर मैं थाना में जा कर आत्मा समार पड़ करने को बोलीऔर बड़े डोंगरक थाना से न आत्मा समार पड़ कर दिए फिर अभी g.s में लगा है लगभग 2 साल हुआ क्योंकि मैं आपने गाँव से वारंट कटवाई होती न स्कूल में काम कर रही होती,मैं अभी कोंडागांव जिला में H.p ऑफिस में काम करती हूँ मेरा महिना का सैलरी 11000से 12000 हजार मिलता हैमेरे घर में 2 बच्चे है और नानी है देवर लोग है लेकिन उन लोग अलग-अलग रहते है माँ पापा नहीं है वर्तमान में कोई परेशानी नहीं हैं मैं भी तोड़ा बहुत कमा लेती हूँ और बच्चे मन को भी पढ़ा रही हूँ और माओवादी से उधर दर लगता है इन्धर तो डर नहीं है गाँव में डर हैं इसलिए उधर नहीं जाती हूँ कृपया मदद करें! जानकारी हेतु@6267868286.
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: CG DISPLACED KONDAGAON MAOIST VICTIM VICTIMS REGISTER
पीड़ितो का रजिस्टर: 2005 सलवा जुडूम डर के कारण छत्तीसगढ़ में अपना गाँव घर छोड़ तेलंगाना चले गए है-
ग्राम-कोयागट्टू, ब्लॉक-पल्वांचा,जिला-भाद्रद्री कोतागुदेम (तेलंगाना) से मडकम लक्ष्मण बता रहे है ,कि वे 2005 सलवा जुडूम डर के कारण छत्तीसगढ़ में अपना गाँव घर छोड़ तेलंगाना चले गए है,तेलंगाना में 17 साल से खेती कर रहे जमीन को वहां कि सरकार कब्ज़ा कर पौधारोपण लगा रही है,और इन ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ वापस लौटने की धमकी दे रही है | लक्ष्मण का कहना है,अगर छ:ग वापस लौटे तो हमारे साथ फिर 2005 का अंजाम होने वाला है क्योंकि छत्तीसगढ़ में अभी भी हिंसा चल रही है | और वे कूली मजदूरी करके जीने वाले गरीब आदिवासी है,उन्हें छत्तीसगढ़ में कूली नहीं मिलती,हर साल कुली के लिए छ;ग सीमा पार कर आंध्र और तेलंगाना आना पड़ता है |और उनके बच्चे छोटे से तेलुगु भाषा सीखे है इसलिए वे छत्तीसगढ़ आने को तैयार नहीं अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर बात कर सकते है,संपर्क नंबर@7337204323.
