मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया...गीत-
ग्राम-जबलपुर, पोस्ट-गुरदा, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से दीनानाथ पटेल एक गीत सुना रहे हैं :
मनिहारी का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया-
छलिया का भेष बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया-
झोली कंधे धरी, उसमे चूड़ी भरी-
गलियो में शोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया-
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया-
राधा ने सुनी ललिता से कही...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG DINANATH PATEL RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : जोंडिस या पीलिया का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी जोंडिस या पीलिया का घरेलू उपचार बता रहे हैं| चिरायता 50 ग्राम, नीम की छाल 50 ग्राम, बांस की पत्ती 50 ग्राम, कुटकी 50 ग्राम, गिलोय 50 ग्राम, सोंठ, काली मिर्च और छोटी पीपल को बराबर मात्रा में मिलाकर त्रिकुटा बना लें| सभी को साफ कर पीसकर चूर्ण बना लें| एक-एक चम्मच चूर्ण दिन में दो बार खाली पेट सेवन करने से लाभ हो सकता है | तरल पेय पदार्थ और गन्ने के रस का सेवन कर सकते हैं| मिर्च मसाला, तेल, खटाई, मैदा, शक्कर नमक का सेवन कम करें| नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
बढ़त आबादी ला रोका रे भाई मोर...गीत-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से नरेश बुनकर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
बढ़त आबादी ला रोका रे भाई मोर-
दुःख के ये हर खदान रे-
छोटे परिवार सुख के खजाना-
बात मोर सुना मितान रे-
यही करव मै अपना बोल रे-
फेर मजा मा दिन बिताबोन रे-
भाई संगवारी मान ले मोर कहना रे...
Posted on: Aug 22, 2019. Tags: CG KABIRDHAM NARESH BUNKAR SONG VICTIMS REGISTER
बसु लैन लैन लैन वया बजारे ..गोंडी गीत-
गॉंव-ओडडुगूडेम, पंचायत-उप्पुसाक, तहसील-बूर्गमपाड, जिला-भद्राद्री कोत्तागूडेम (तेलंगाना) से बयम्मा, ताटि कमला, बोल्लि सरस्वति, ताटि लक्ष्मी गोंडी भाषा में गीत सुना रहे हैं :
रेरेलायो रेला रेला रेला रेरेला-
रेरेलायो रेला रेला रेला रेरेला रेरेला रेला-
बसु लैन लैन लैन वया बजारे-
बसु लैन लैन लैन वया बजारे आ लैन लाग-
लाग वया बजारे बेनुसेल्लोन लाग लाग वया-
बजारे वर्सा सेल्लोन लाग...
Posted on: Aug 21, 2019. Tags: BHADRADRI KOTTAGOODEM GONDI NARENDRA SONG TELANGANA
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...गज़ल-
ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर(बिहार) से सुनील कुमार कवि महेश कटारे सुगम जी की एक गजल सुना रहे हैं :
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है-
जीवन ये बोझिल करने को दुःख के पानी खाद बहुत हैं-
बिना जरूरत कुछ लोगो पर बड़े-बड़े परसाद बहुत है-
न्याय बना है मृग-मरीचिका करने को फरियाद बहुत है-
आम आदमी के जीवन में भरे हुए अवसाद बहुत है-
दुःख-दर्दों की भीड़-भाड में जीने का अलहाद बहुत है-
इन्कलाब जब तक ना आये अपने जिंदाबाद बहुत है-
करने को सवांद बहुत है, भरने को उन्माद बहुत है...
