सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार...फाग गीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष अहिरवार एक होली गीत सुना रहे हैं :
सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार-
सईंया कहे बहू लपटा बनाले, खावत मा होही जुआर रे-
मोर मनमा रहे सामाय सुंदर सावारिया-
सावन मा हो गए जुवार रे मोर मन मा-
सास कहे बहू भात बना ले ससुर कहे बहू दार...
Posted on: Mar 09, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
मैं नहीं माखन खायो ना...होली गीत-
ग्राम-सरईमाल,जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक फाग गीत सुना रहे हैं:
अरे मैं नहीं माखन खायो रे मैया, मैं नहीं माखन खायो ना-
भोर होत गौवन के पीछे, मधुबन मोह पठायो रे मैया-
मैं नहीं माखन खायो ना-
अरे नाहक दोष लगायो, अरे नाहक दोष लगायो मैया-
तू काहे पतियायो रे मैया मोरी-
मैं नहीं माखन खायो ना...
Posted on: Mar 05, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
अँधाधुंध अंधियारा रे अब तो अँधाधुंध अंधियारा लाल...होली गीत
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक होली गीत सुना रहे है:
अँधाधुंध अंधियारा रे-
अब तो अँधाधुंध अंधियारालाल-
यह घट भीतर बाघ बगीचा-
अँधाधुंध अंधियारा रे...
Posted on: Feb 24, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल...आंदोलन गीत
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिन्डोरी (म.प्र.) से संतोष अहिरवार एक गीत सुना रहे है:
बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल-
एकता स्वरूप गुल क्रांति का बजे-
एकता की ताकत से नौजवान बढे-
जागो उठो देखो भैया समय है अनमोल-
सीजीनेट स्वर में सीजीनेट स्वर में जिंदाबाद बोल-
कैसा शासन कैसा नेता कैसा भ्रष्टाचारी है-
अमीरों का रोज, गरीबो का रोज-
फिर भी जनता का है राज-
फिर भी फिरती मारी-मारी है-
चोरो दलालों के खोल देंगे पोल-
बोल-बोल-बोल भैया जिंदाबाद बोल...
Posted on: Feb 22, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
सुनो-सुनो सब चतुर सुजान...गीत
संतोष अहिरवार ग्राम-सरईमाल, विकासखंड-समनापुर, जिला-डिंडोरी (म.प्र.) से बोल रहे है कि आज की दुनिया डिजिटल इंडिया है अपने को परिवर्तन करना और परिवर्तन लाना आज की विशेष आवश्यकता है उसी के सम्बन्ध में एक गीत सुना रहे है:
सुनो-सुनो सब चतुर सुजान-
लईका सयान लगा के ध्यान जय गंगा-
सुनो-सुनो दुनिया के हाल-
नर नारी के बिगड़े चाल जय गंगा-
कपटी हो गए सब नर नारी...
