गणेश भजन : गिरजा की बेटा तोला कईथो लम्बोदर महा राज...
जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट जो कि दरबारी लाल केवट से एक गणेश भजन सुन रहे है:
गिरजा की बेटा तोला कईथो लम्बोदर महा राज-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन-
पान चड़े, फूल चड़े और चड़े मेवा-
लड्डूवन की भोग लगे संत करे सेवा-
माथे सिन्दूर सूहे मूस की सवारी-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन-
गिरजा की बेटा तोला कईथो, लम्बोदर महाराज-
स्वामी गजानन, स्वामी गजानन, स्वामी गजानन...
Posted on: Nov 13, 2019. Tags: ANUPPUR MP DARBARILAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
भजन : बकुला के पेट मा काटा गढ़ गे मछरी माजा उड़ाथे...
ग्राम-छोलकारी, पोस्ट-पसला , जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन गीत सुना रहें है:
रम रावण के मते लड़ाई, सीता जी को पाने को-
हनुमत ने छलांग लगाया, लंका को जलाने को-
नदिया के तीर तीर बकुला चरथे मछरी बिन बिन खाते-
बकुला के पेट मा काटा गढ़ गे मछरी माजा उड़ाथे-
बकुला के पेट मा काटा गढ़ गे मछरी माजा उड़ाथे...
Posted on: Nov 13, 2019. Tags: ANUPPUR MP LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
भजन : अवधपुर के रामा, जनकपुर की सीता...
ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक भजन सुना रहे है:-
अवधपुर के रामा, जनकपुर की सीता-
तोला देखे बिना नैना, तरसत रे बिना-
तोला देखे बिना जिव्हा, तरसत रे बिना-
अवधपुर के रामा, जनकपुर की सीता-
आगे-आगे राम चले, बिच में लक्षमण भैया-
अवधपुर के रामा, जनकपुर की सीता-
तोला देखे बिना नैना, तरसत रे बिना...
Posted on: Nov 12, 2019. Tags: ANUPPUR MP LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
देवी गीत : हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर...
ग्राम-छुलकारी,पोस्ट फुनगा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश ) से मंदाकनी मिश्रा एक देवी गीत सुना रही हैं:
हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर-
हो जाओ मेरी सहाय महामाई अब की बेर-
अब की बेर ओ मेरी माता सिंदूरा लेके आना-
अब की बेर ओ मेरी माता बिंदिया लेके आना-
लाना-लाना रे सिंदूरबा लाल महामाई अब की बेर-
अब की बेर ओ मेरी माता साड़ी लेके आना-
लाना-लाना रे चूनर लाल महामाई अब की बेर-
हो जाओ दीनदयाल महामाई अब की बेर...
Posted on: Nov 07, 2019. Tags: ANUPPUR MP MANDAKNI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
कविता : यह कदम का पेड़ अगर ना होता यमुना तीरे...
ग्राम-रक्क्षा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालुमाड़ा, ब्लाक-जैहतरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से नांगदिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
यह कदम का पेड़ अगर ना होता यमुना तीरे-
में भी उसमे बेठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे-
दे देती अभी मुझे बासुरी तुम दो पैसे वाली-
किसी तरह नीचें हो जाती यह कदम की डाली-
तुम्हेँ कुछ नही कहता पर में चुपकें-चुपकें आता-
उस नीची डाली से अम्मा ऊचें पर चढ़ जाता-
वही बैठ बड़े मजे मैं बांसुरी बजाता-
अम्मा-अम्मा स्वर में मैं तुम्हे बुलाता...
