महाराष्ट्र के कुछ गाँव वनोपज की बिक्री खुद करेंगे, इससे ग्रामसभा और आदिवासी की आय बढ़ेगी...
ग्राम-मोहगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला गोंडी भाषा में बता रहे है कि आदिवासी जनजातियो में रोजगार का अधिक साधन नहीं है उनके इलाकों में पानी की कमी है इसलिए वे खेती भी अच्छे से नहीं कर पाते है इसलिए वे जंगल से महुआ टोडी जैसे उत्पाद जमा करना और उनको बेचने का काम करते है बांस, तेंदूपत्ता आदि भी जमा करते है उससे भी उनको पैसा मिलता है पर उनको अक्सर इसके लिए उचित दाम नहीं मिलता इसलिए इस बार महाराष्ट्र के कुछ गाँव में खुद ग्राम सभा बांस तेंदूपत्ता की कटाई करेंगी और खुद टेंडरिंग और बेचेगी, आशा है इस काम से ग्राम सभा को भी अधिक आय होगी और आदिवासियों की आमदनी भी बढ़ेगी। उत्तम अटाला@7719930515
Posted on: Mar 30, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो रे रेला...गोंडी गीत
ग्राम-रोंडावाई, पोस्ट-घट्टा, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दीपिका मडावी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो रे रेला-
अगा डुकेती मडा कोडी ते रे डुकेती-
मडा फुरुंग ते तुरसा डुकेती-
आहके वियादे आचा गियादी-
बाई फला ते ओन गियादी निवा देश ते
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो...
Posted on: Mar 29, 2017. Tags: SONG SUKHRAM ATALA VICTIMS REGISTER
Bultoo (Bluetooth) Radio in Gondi language: 29th March 2017...
Today Sukaram Atala and Deepika Madavi are presenting Bultoo Radio in Gondi language in this latest edition of Bluetooth radio program. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 and 07411079272 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download centre nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via bluetooth.
Posted on: Mar 29, 2017. Tags: SUKARAM ATALA DEEPIKA MADAVI
आदिवासी को अधिकतर रोज़गार जंगल से ही मिलता है, बरसात के समय हम खेत में काम करते हैं...
ग्राम-कुतेगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से मीना मडावी के साथ में सुखराम अटाला ग्राम-रोंडावाई, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली के रहने वाले है और अभी वो जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश में है बता रहे है कि आदिवासी समाज में किस तरह से वे अपना जीवन यापन करते है और किस तरह से रोजगार मिलता है उसके बारे में जानकारी दे रहे है, वे कह रहे हैं कि आदिवासी मूलत: जंगल पर ही अपने जीवन के लिए निर्भर होता है जहां से उसे जीवनयापन के लिए बहुत सी चीज़ें मिलती हैं. बारिश के समय में लोग मजदूरी करने लिए अपने और दूसरो के यहाँ जाकर भी खेत का काम भी करते है जैसे जोतना, बोना, निदाई करना ये उनके लिए एक रोजगार भी होता है| ऐसा वे गोंडी बता रहे है| मीना@7719930515
Posted on: Mar 26, 2017. Tags: SONG SUKHRAM ATALA Gondi VICTIMS REGISTER
पिठिढ-पिठिढ जाटांग रो यंगले...गोंडी गीत
ग्राम-मोहगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला एक गोंडी गीत सुना रहे है:
पिठिढ-पिठिढ जाटांग रो यंगले-
लाल रंगे जाटांग रो यंगले-
बद्रम जाटांग उर्सा न यंगेले-
पाडिंग किसी उर्सा न बाबुले-
बद्रम जाटांग मुडिया न यंगेले
लाल रंगे जाटांग रो यंगले...
इस गीत में सेमी के बारे में बता रहे है |


