करिहा ना धोखा भईया, हमरा जमीन पे हमहूं लिखौले बानी अपने अमीन पे...भजन गीत

ग्राम-कोटराही, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मीनारायण कुशवाहा एक भजन सुना रहे हैं :
करिहा ना धोखा भईया-
हमरा जमीन पे हमहूं लिखौले बानी अपने अमीन पे-
कर विश्वास हमरे बतिया पे आ के-
होई नाही कुशल जब तोहरा के पाखे-
घर को ध्यान राखा हमारो जे बतिया-
कर कुछ लाई नाही छूती नोही खतिया...

Posted on: Jun 11, 2018. Tags: LAKSHMI NARAYAN KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

शांताकारम् भुजग शयनम, पदमनाभं सुरेशं...श्लोक

ग्राम-कोटराही, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी नारायण कुशवाहा एक श्लोक सुना रहे हैं:
शांताकारम् भुजग शयनम, पदमनाभं सुरेशं-
विश्वकारम् गगन सतीसम् लेखवरनम् सुभांगम्-
लक्ष्मीकांतम् कमल नयनं, योगी भी ध्यानगंयम्-
वन्दे विष्णू भव भैहरम्, कर्व लोकनाथं-
या देवी सर्व भुतेसू शक्तिरूपेण संक्षिता-.
नमस्तस्यै-नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः...

Posted on: May 09, 2018. Tags: LAKSHMI NARAYAN KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

भारत भईले आजाद का तोहू करबे सिपहिया...लोक गीत

ग्राम-करमडीहा, धरमसुल्लीपारा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से संजय कुमार कुशवाहा एक लोक गीत सुना रहे हैं :
भारत भईले आजाद का तोहू करबे सिपहिया – खुब तुहू करबे जेहल भेजी देबे – भला जेलवा से है ससुरल हो – भारत भईले आजाद का तोहू करबे सिपहिया...

Posted on: Feb 13, 2018. Tags: SANJAY KUMAR KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

तोता दिया हुंकारा अमर कथा न सुनी हुमाऊ सोच रहे हुंकारा...गीत

मनोज कुमार कुशवाहा, ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से एक गीत सुना रहे हैं :
तोता दिया हुंकारा अमर कथा न सुनी हुमाऊ सोच रहे हुंकारा – अविनाशी कैलाशी काशी अपनी अलग बसाई थी – बैठ गुफा में गौर जी को अमर कथा सुनाई थी – आज यहाँ पर कोन तीसरा गोंगा जी जन आया है – चीरा करोली से शंकर जी को कर त्रिशूल उठाया है – आगे तोता पीछे शिवजी तीन लोक में बागे है...

Posted on: Feb 11, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

हरे भरे खेतो में देखो, कैसा तनकर खड़ा बिज्जुका...कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड़, जिला-पलामू (झारखंड) से अखिलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे हैं:
हरे भरे खेतो में देखो कैसा तनकर खड़ा बिज्जुका-
सिर पर काली वाली हाड़ी है चुने का टिक्का-
कुर्ता टीला फटा चिथडा तनिक ना इसे सलीका-
हांथ पांव लकड़ी के इसके पर मन का है कड़ा बिज्जुका-
देख बिज्जुकी मिल गाए भैस और साड़ भड़कते – पास ना फटे कोई पक्षी सूरत देख हडकते...

Posted on: Feb 11, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »