अरे सब महिला मिलि होली मनाइ लिहे...बघेलखंडी होली गीत
पार लगाइ दिहे नइया हे
जग में पार लगाइ दिहे नइया
काहेन की तोरी नइया बनी है -2
अरे सोनेन की मोरी नैया बनी है
सोनेन की मोरी नइया हो
अरे सब महिला मिलि होली मनाइ लिहे
सब महिला मिलि होली हो ....
अच्छे रंग -अबीर लगाइ दिहे -2
अरे पार लगाइ दिहे नइया
जग में पार लगाइ दिहे नइया हो.…
Posted on: Mar 18, 2014. Tags: Nirmala Rewa
ये मुहि पर रंग न डालो समलिया...बघेलखंडी होली गीत
ये मुहि पर रंग न डालो समलिया
मैं आऊँ सिया के चौरी समलिया
मुहि पर रंग न डालो समलिया
ये काहे नीके तोरे रंग गुलाल
ये काहे नीके तोरे पिचकारी समलिया
मुहि पर रंग न डालो समलिया
ये रंग में नीके मोरो रंग गुलाल
रुपे न कि पिचकारी समलिया...
Posted on: Mar 17, 2014. Tags: Gudia Rewa
कौन दिशा से रे आयी रे बदरिया...बघेलखण्डी विवाह गीत
रानी जी जो मध्यप्रदेश के रीवा जिले के घुरकुछ गाँव से है बघेलखण्डी भाषा में एक सोहाग गीत सुना रही है जो शादी के समय गाया जाता है:
कौन दिशा से रे आयी रे बदरिया
कौन दिशा का चली जाये रानी के सोहागवा
पूरब,पक्षिमवा से अनाई रे बदरिया
पक्षिम दिशा का चली जाय रानी के सोहागवा
कौन दिशा अनई रे बदरिया
केकर भीजै सुरग चुनरिया केकर मांगी का सिन्दूर
Posted on: Mar 15, 2014. Tags: Rani Rewa
उतरत महेन लागत फगुन पिया औगत कौने महीना में...बघेली होली गीत
उतरत महेन लागत फगुन पिया औगत कौने महीना में
चार महीना गर्मी ऋतु न आयें टप टप चुअत पसिनमा
उतरत महेन लागत फागुन पिया औगत कोनें महीना में
फिर बर्षा ऋतु न आये टप टप चुअत महलिया मैं
पिया तू औगत कोनें महीना चार महीना ठंडी ऋतु न आये
फर फर कांपे बदनवाँ पिया तू औगत कौने महीना
चार महीना चिठियों लिख भेजो देदो जवाब
पिया तू औगत कौने महीना
Posted on: Mar 03, 2014. Tags: Sunita Rewa
No facility to go to hospital at night, Lady sings Sohra song during child birth...
गुड़िया जी छपरिया ग्राम जिला रीवा मप्र से बोल रही है कि आज उनके जेठानी के बहू के लड़का 12 बजे रात पैदा हुआ। स्वास्थ्य केंद्र रात में जाने की सुबिधा न होने के कारण बघेलखंडी में सोहर गीत गा रही है:
सोवत रहे हैं पञ्च महला सपन एक दिखो
सासु सपने कि अरज बतावा सपनवा बड़ी सुन्दर हो
गंगा ता आहि अगम भर जमुना हिलोरत हो
गंगा ता आहि तुहार बहिनी जमुना तोहर भौजी हो ,
बहुआ सरजू ता आहि तोहार बहिनी ता कोरवा बालक लीन्ही
गंगा ता आहि तुहार मैया जमुना तोहर भौजी हो
सोव्त रहे हैं पञ्च महला सपन एक दिखो
सासु सपने कि अरज बतावा सपनवा बड़ी सुन्दर हो
