ये जी आमा महुआ के झूले डालिय...प्रकृति गीत-
कन्हौली, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से उषा देवी आम एंव महुआ फूल से संबंधित एक गीत सुना रही है :
ये जी आमा महुआ के झूले डालिय-
तानि तकाना बलमा महार ओरिया-
महुआ फुलाय गईले, अमुआ मौजैरी गईले-
ये जी आमा महुआ के झूले डालिय-
तानि तकाना बलमा महार ओरिया...
Posted on: Apr 14, 2017. Tags: SONG USHA DEVI VICTIMS REGISTER
जंगल विभाग वाले अधिकारी हम आदिवासियों को मार रहे हैं हमारे घर जला रहे हैं कृपया मदद करें...
ग्राम गोरेनाला, पोस्ट दुगली, तहसील-नगरी, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से भूषण लाल नागेश बता रहे हैं कि उनके क्षेत्र में 1947 के पहले से सुखराम नागे के नेतृत्व में जंगल की ज़मीन का आंदोलन चल रहा है जिसका हल अब तक नहीं निकला है पिछले कुछ हफ़्तों में भी वन विभाग के लोगों ने इन गाँवों में आकर घर जलाए हैं और हम आदिवासियों के साथ मारपीट की है और हमें गाँव छोड़कर जाने का आदेश दिया है जबकि वन विभाग के कुछ अधिकारी वन अधिकार की तहत ज़मीन का पट्टा देने की बात भी करते करते हैं जब हम उनसे मिलने जाते हैं. आप सभी साथियों से अनुरोध है कि कृपया DFO@07722236137, फारेस्ट विभाग अधिकारी @7587011351 को फोन कर दबाव बनाएं। भूषण लाल नागेश@9406003176
Posted on: Apr 10, 2017. Tags: BHUSHANLAL NAGESH SONG VICTIMS REGISTER
मन रामा ने बहन बजईयो, जाके बिंद्रावन बस जाई...पारम्परिक लोकगीत
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष अहिरवार के साथ गाँव की बहने सोना, चंदा, उषा है जो एक पारम्परिक लोकगीत सुना रही है :
मन रामा ने बहन बजईयो, जाके बिंद्रावन बस जाई-
बिंद्रावन बस गए गंगा जमुना को मोये-
जल चारो शरण नहीं पाई, जाके बिंद्रावन बस जाई-
बिंद्रावन बस गए साधू संतो को मोहे-
धुनी जलन नहीं पाई, जाके बिंद्रावन बस जाई-
मन रामा ने बहन बजाई...
Posted on: Dec 24, 2016. Tags: SONA CHANDA USHA SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ के धमतरी के नगरी इलाके में चल रहे आदिवासी वन जमीन अधिकार आंदोलन से रिपोर्ट...
छत्तीसगढ के धमतरी जिला के नगरी क्षेत्र में चल रहे वन अधिकार आन्दोलन से भूषण लाल नाग बता रहे हैं कि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद 1987 में शासन से १८ बसाए आदिवासी गाँव को मान्यता देने का समझौता किया गया था पर सिर्फ १३ को ही अब तक मान्यता दिया गया है । बाकी गाँवों को को मान्यता देने के लिए पार्टी द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है पर प्रशासन से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और मीडिया से भी कोई मदद नहीं मिल रही है । इसलिए वे सीजीनेट स्वर में रिकार्ड कर रहे हैं । उनका कहना है कि यह संविधान की ५ वीं अनुसूची का इलाका है और वन अधिकार क़ानून के तहत आदिवासियों को ज़मीन का पट्टा ऐसे भी मिल जाना चाहिए पर ऐसा नहीं हुआ है। भूषण@9669683673
Posted on: Dec 15, 2016. Tags: BHUSHAN LAL NAG SONG VICTIMS REGISTER
हाय हाय दाहा देखे गेलीअई ,मकईया तोड़ी लेलीअई...झरनी गीत
मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजिया निकालने के समय गाया जाने वाला सामूहिक झरनी गीत उषाकिरण जी पक्कीसराय जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुना रही हैं:
हाय हाय दाहा देखे गेलीअई ,मकईया तोड़ी लेलीअई-
धईये लेलई राजा के सिपहीये हाय हाय-
हाय -हाय छोड़ी दहु आहे राजा हमरो अंचरवां-
रोअत होईहे गोदी के बलकवा हाय हाय-
हाय -हाय अब ही त हऊ गे छौड़ी बारह बरिसवा-
कहाँ से लएले गोदी के बलकवा हाय हाय-
हाय -हाय बारह बरिस बाबा कैलक बिअहवा-
ओही से लएली गोदी के बलकवा हाय-हाय...
