नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...विवाह गीत
ग्राम-संतोषी नगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से कुछ छात्राएं एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, गीत का सन्दर्भ यह है कि घर में नई-नवेली बहू नीम के पत्तों, कचरों से अनुरोध करती है कि जेठजी सामने बैठे हैं कृपया आँगन में मत आओ, मुझे बहारने में दिक्कत होगी:
नीमिया पतइया झरि जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में ससुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी-
ओहि रे अंगनवां में भसुरजी के डेरा-
घुंघटा कढ़त दिन जाला, अंगनवां कइसे बहारूं जी...
Posted on: May 15, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे... सरगुजिया विवाह गीत
ग्राम-बलोर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक ग्रामीण महिला सरगुजिया भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह गीत विवाह के समय गाया जाता है:
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे-
हथवा लगावल दुलहा अनजान दुलहा अवदा निहामण हे-
धीरे रहु हे बाबू धीरे रहु और गम्भीरे रहु ना-
जब पापा कुशल संकल जन करिहें तब गनिराउर हे-
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन बेटी थरथर कांपल हे...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...गीत
ग्राम पंचायत- चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक छात्र सुनील सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के-
कुछ कच्चे कुछ पक्के घर एक साल पुरान के-
सड़क बनेगी सुनती हूं इनका नंबर साल है-
चकते आन टीड़े ऊपर कई पेड़ हैं बेर के-
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSKOLE SONG VICTIMS REGISTER
पंडिताइन ने कहा पंडित का ऊपर देखना, पंडिताइन का नीचे, पंडित परेशान हो गए: कहानी
एक गाँव में पंडित पंडिताइन रहते थे उनकी एक बेटी थी और वो धीरे धीरे जवान हो गई तो दोनों पति पत्नी बातचीत करने लगे कि उसके लिए भी लड़का ढूँढा जाए. पंडित बोला किआज शाम को रोटी पिटा बना दीजियेगा मैं सुबह जाऊँगा| सुबह रोटी पिटा बना दिए और जाने लगा जब पंडिताइन कहने लगी आप जाइए पर पंडित को ऊपर देखना और पंडिताइन को नीचे. तो वो व्याकुल हो गया. उस गाँव में पहुंचे. बरगद का पेड़ था और वहां पर खाने पीने के बाद आराम किया| फिर वहां से गढ़ेरी आया गढ़ेरी आने के बाद पूछा तुम क्यों व्याकुल हो भाई तो बोला की पंडिताइन बोली है कि पंडित को ऊपर ही देखना है और पंडिताइन को नीचे. तो उन्होंने कहा कि इतनी सी छोटी से बात के लिए क्यों डर रहे हो. पंडिताइन का घर में लीपा पोती को देखना और उनका घर दुवार और ऊपर वाला उसको देखना और पूछा तो बताये पंडित का घर यही है| तो उसका घर देखा तो घर दुवार मजबूत था और नीचे साफ़ सुथरा था | फिर उन लोगो का शादी तय हुआ उसके बाद दोनों का शादी हो गया और पंडित पंडिताइन के बेटी दामाद बढ़िया से जीने खाने लगे. शिव बालक@7909492361.
Posted on: Apr 27, 2018. Tags: SHIVBALAK SINGH SHYAMLE SONG VICTIMS REGISTER
राजा दशरत रहा चारेतने पुता बाबु...सरगुजिहा कर्मा गीत
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज आश्रित ग्राम नवापारा, ग्राम-बडवार, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से श्यामप्यारी और बुधराम एक कर्मा गीत सुना रहे है:
राजा दशरत रहा चारेतने पुता बाबु-
बारा सतर गुना राह...

