हमारे पास दूसरा कोई काम नहीं है, राज मिस्त्री का काम करके अपना परिवार चलाते हैं...
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली(महाराष्ट्र)से चुक्कू वत्तेपल्लू बता रहे हैं ये 7 वर्ष से राज मिस्त्री का काम करते हैं ज्यादा ठेकेदार के अंडर में काम करते है ठेकेदार के अंडर में काम करने से 500 रूपये रोजी मिलता है यदि लोकल में काम करते हैं तो 400 रुपये मिलता है इनके साथ में 3 लेवर काम करते हैं इनके पास काम करने का ओजार नहीं है सब ठेकेदार का रहता है परिवार में 12 सदस्य हैं और इनके पास दूसरा काम करने को नही है यही काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं:संपर्क नम्बर @9421411627 (169902) CS
Posted on: Jun 18, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH CHUKKU VATTEPALLU SONG VICTIMS REGISTER
रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया...माड़िया गीत
नगर पंचायत-भामरागड जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से सपना रामटेके माडिया भाषा में एक गीत सुना रही है:
रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया-
रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया-
रेरेला रेरेला रेरेला रेरेला-
पंडुम पूटा दियाते पंडुम पूटा दियाते-
बज्जर गोटूल ते दायेना-
रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया रेरेलोया CS
Posted on: Jun 17, 2020. Tags: BHAMRAGAD GADCHIROLI MH GONDI MADIA SONG RAMTEKE SAPNA
हम जंगल से बांस लाकर उससे जाल बनाते हैं फिर उससे मछली पकड़ते हैं, दरवाजे भी बनाते हैं...(माडिया में )
नगर पंचायत-भामरागड-जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से सोमू पुंगाटी जी बांस से क्या-क्या बनाते है अपनी उस कला के बारे में सनबती दुग्गा के साथ अपनी माड़िया गोंडी भाषा में बता रहे हैं: वे बोल रहे हैं कि कोईनी और टाटी जेंड जंगल से बांस लाकर बकिया से छीलकर पतले-पतले काटकर कोईनी बनाते हैं इसके बाद इसके अन्दर डालने के लिए कांटा बनाते हैं फिर दोनों को गूथकर कोईनी जाल बनाते हैं इसके बाद इसमें मछली पकड़ते हैं इसी प्रकार दरवाजे के लिए टाटी बनाते हैं इसी प्रकार वे और भी कई तरह की चीज बना सकते हैं (169889) CS
Posted on: Jun 17, 2020. Tags: BAMBOO BHMRAGAD GADCHIROLI MH FOREST SOMU PUNGATI
आदिवासी अपने बच्चों को पढ़ाना तो चाहते हैं, लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से पढ़ा नहीं पाते हैं...
ग्राम पंचायत लहरी, तालुका- भामरागढ़, जिला- गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से मोहन यादव के साथ माडिया समाज के विद्यार्थी लालसू पोलो अपने क्षेत्र में आदिवासियों के पिछड़ेपन के कारण से अवगत करा हैं| वह कह रहे हैं, उनके क्षेत्र में बहुत परेशानियां है | उनके इलाके के आदिवासी अपने बच्चों को पढ़ाना तो चाहते हैं और खूब आगे भी बढ़ाना चाहते है, लेकिन क्षेत्र के लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर नहीं होती है, कि वह अपने बच्चों को पढाई करा सकें | पैसों की कमी क्षेत्र के आदिवासियों के पिछड़ेंपन का मुख्य कारण है | आदिवासी साथी इस प्रकार की और भी समस्याओं से जूझ रहे हैं: संपर्क- 7588765670. (169817) NP
Posted on: Jun 17, 2020. Tags: MH LALSU POLO MOHAN YADAV
साड़ा पागुन की मन में, ये जाने माडा...गीत-
नगर पंचायत-भामरागड, जिला-गडचिरोली (महाराष्ट्र) से उज्वाला बोगाली जो एक शिक्षिका हैं, एक मराठी गीत सुना रही हैं:
साड़ा पागुन की मन में-
ये जाने माडा-
मासा साड़ा से वायर-
मुन्ने का सामनाते निबा बाबा काय ओ-
धनी केमा इतके अरपा वासिको-
मुन्ने कदम नाते निबा बबा करियो... ()
