धरती माता के आशा किसान भाई, करा तुम किसानी करा हो...बघेली किसान लोकगीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट एक बघेली किसान लोकगीत सुना रहे हैं:
धरती माता के आशा किसान भाई, करा तुम किसानी करा हो-
कांधे म धरके फरुहा कुदारी, सांथ मा दादू के महतारी-
खेतन खेत बनवा किसान भाई, करा तुम किसानी करा हो-
खेतन खेत मा डारा खादा जौने अन्न उग जावय ज्यादा-
धरती माता के आशा किसान भाई, करा तुम किसानी करा हो...
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
धार्मिक गीत के मै गवईया आयों, संगीत के मै बैईहा आयों...नवधा गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट एक नवधा गीत सुना रहे हैं :
धार्मिक गीत के मै गवईया आयों, संगीत के मै बैईहा आयों – धरती के फूल मा मै गावत हों – नवधा रामायन मै गावत हों – का ला बताओं जी संगवारी गाँव हमर छुल्कारी है – भूल चुल ला माफ़ी दईहा दाई दीद महतारी हो – छत्तीसगढ़ी गवैया आयों धर्मिक गीत के गवैया आयों...
Posted on: Dec 28, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
राम जी से पूछे जनकपुर के नारी...राम भजन-
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुन्गा, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से रेवालाल केवट एक राम भजन सुना रहे है:
राम जी से पूछे जनकपुर के नारी-
बता जा बाबुआ लुगवा देते काहे गारी-
तोहरा से पूछूं में ये धनुषधारी-
एक भाई गौर कहे एक भाई कारी-
बता जा बाबुआ लुगवा देते काहे गारी...
Posted on: Dec 22, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे...गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट अपने रेल यात्रा के अनुभव को गीत के माध्यम प्रस्तुत कर रहे हैं :
वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे बनाने वाला – काहेन के तोर रेल बने है काहेन के तोर पटरी – लोहेन के तोर रेल बने है सीमेंट गिट के पटरी – वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे बनाने वाला...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
हमें किसी भी हिंसक प्राणी पर भरोसा नहीं करना चाहिए...कहानी -
एक गाँव के पास जंगल के पहाड़ में एक शेर रहता था जिसे गाँव से मुर्गियां बकरियां खाने की आदत हो गई थी जिससे गाँव के लोग काफी परेशान थे एक दिन गाँव के लोगों ने एक पिंजरा बनाकर शेर के आने जाने वाले रास्ते में रख दिया जिसमे शेर फंस गया और जोर जोर से चिल्लाने लगा, एक ब्राम्हण पूजा के लिए राह से गुजर रहा था तभी शेर ने उनसे मदद मागी उन्हें शेर पर दया आया और उन्होंने पिंजड़ा खोल दिया पिंजड़ा खुलते ही शेर ने ब्राम्हण पर हमला कर बोला मुझे बहोत भूख लगी है मै तम्हे खा जाऊंगा जिससे ब्राम्हण डरकर बचाव-बचाव चिल्लाने लगा पेड़ पर बैठा एक बंदर ये सब देख रहा था बन्दर ने कहा जंगल का राजा शेर एक चूहे पकड़ने वाले पिंजड़े में हो ही नही सकता तब शेर को लगा ये मुझे झूठा साबित कर रहा है तो वह पिंजड़े में चला गया और पिंजड़ा बंद हो गया, ब्राम्हण की जान बच गई और वह अपने घर की ओर भाग गया इससे सीख मिलती है हमें किसी भी हिंसक जानवर पर भरोसा नही करना चाहिये |
