तोला देहु रे देहु मुंडरी बनवा के नागमडी...सरगुजिहा गीत

ग्राम-बगडा, थाना+तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवानंद एक सरगुजिहा गीत सुना रहे हैं:
मोला माय हाय कैसे, मोरे संगवारी रे-
तोला देहु रे देहु मुंडरी बनवा के नागमडी-
अरे अनमोल रत्न तोरे देह माँ सजा दों-
होयें ना कभी जो कर के दिखा दों-
तोला सजा देहु रे जैसे मोरे सोनपरी रे-
माथे के बिंदी में चंदा मंगा दो-
हाथे के कंगना में तारा सजा दो...

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG DEVANAND PRATAPPUR SONG SURAJPUR SURGUJIHA VICTIMS REGISTER

बेटा पिता से कहता है आप तो अनपढ़ गंवार हैं मै तो पढ़ा लिखा ज्ञानवान हूँ...व्यंग्य

ग्राम-तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक व्यंग्य सुना रहे हैं:
पिता- बेटा थोड़ा खेत-खार के तरफ भी तो घूम आया करो-
बेटा- पिता ये तो सब आपका काम है, आप तो अनपढ़ गंवार हैं मै तो पढ़ा लिखा ज्ञानवान हूँ ये सब मुझे अच्छा नही लगता और मेरे दोस्त भी हँसेंगे-
पिता-बेटा थोडा मंदिर तरफ हो आओ और ये नारियल-अगरबत्ती दिया भी लगा आना-
बेटा- पिता जी मै भगवान को नही मानता मै तो विज्ञान को मानता हूँ आपके जैसे रूढ़िवादी नही हूँ, आप भगवान् को मानो मै नही मानता-
पिता-बेटा सुबह जल्दी उठकर सैर-सपाटा कर आना चाहिए स्वास्थ्य अच्छा रहता है और बड़े बुजुर्गों का कहना भी है, शाम-सुबह की हवा लाख रुपया के दवा-
बेटा-पिता जी ये सब आप मानो मै तो नया युग में पैदा हुआ हूँ मुझे टी.वी मोबाईल से संदेश सुनना, समाचार देखना, अच्छा लगता है, आपकी बेतुकी बातें अच्छा नही लगता है...

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SATIRE SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : यहां महिला-पुरुष एक साथ मिलकर खेती का सब काम करते हैं, हल भी चलाते हैं...

ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, प्रखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमर मरावी के साथ में आज गाँव की महिलाएं शांति, रमीता, प्रियंका और तुलसी बोगा हैं जो बता रहे हैं कि इस क्षेत्र में पुरुषों के साथ महिलाएं भी नागर फांदते हैं या हल चलाने का काम करती हैं, वे रोपा के समय में चिक्खल (जमीन रोपा लगाने योग्य जमीन बनाने) का काम भी करती हैं, सभी रोपा गाड़ने का काम भी करते हैं. घर में पुरुष होने के बाद भी महिलाएं जुताई करती हैं, वे प्रातः काल उठकर सभी तरह के काम झाड़ू लगाना, पानी भरना, खाना बनाना, उसके बाद हल चलाने और रोपा लगाने अपने-अपने खेतों में जाते हैं, ये सब, सभी महिला-पुरुष मिल जुलकर काम करते हैं |

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KOYLIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

पुनरपि जन्म पुनरपि मरणम, ये काया विनाशनम...जीवन कथा

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक हकीकत कथा सुना रहे हैं: पुनरपि जन्म पुनरपि मरणम, ये काया विनाशनम: जैसे सृष्टि में चार ऋतु होते हैं शरद, बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, ठीक उसी प्रकार जीवों की भी चार अवस्था होती है, बचपन, लड़कपन, जवानी, बुढ़ापा, लेकिन ये चक्र तब तक चलती है जब तक सृष्टि है.मनुष्य और जीव जंतु की आयु सीमा समाप्त हो जाती है और वह एक दिन मृत्यु को प्राप्त हो जाती है यहां जो भी जीव आता है ये शरीर छोड़कर जीवात्मा उड़ जाता है| जितना दिन भटकने का रहता है उतना दिन भटकने के बाद पुनः इस धरती में जन्म लेता है और कर्म के अनुसार दुःख-सुख को काटने के बाद पुनः उन्ही चार अवस्था में वापस हो जाता है...
कन्हैयालाल पडियारी@9981622548.

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

कौन पारा बुले जाय कौन पारा दिन ला गंवाए...सरगुजिया गीत

ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया गीत सुना रहे हैं :
बिना झोले नई जाओं, बिना झोले नई जाओं रे-
तोर ले तोर दीदी रिझवारे-
कोन पारा बुले जाय कोन पारा दिन ला गंवाए-
कोन पारा अरीछा-मरीछा कोन पारा खाए बीरा पान ला...

Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURGUJA SURGUJIHA VICTIMS REGISTER

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