स्वास्थ्य स्वर : चेहरे के कील मुहासे होने और बालो के टूटने पर घरेलू नुस्खा -

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल चेहरे के कील मुहासे होने और बालो के टूटने पर घरेलू नुस्खा बता रहे हैं| जानने के लिये संदेश सुने| अधिक जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA

स्वास्थ्य स्वर : मधुमेह नाशक दलिया बनाने का तरीका...

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल मधुमेह नाशक दलिया बनाने का तरीका बता रहे हैं| गेहूं 500 ग्राम, चावल 200 ग्राम, बाजरा 500 ग्राम, साबुत मुंग 500 ग्राम| सभी को बराबर मात्रा में लेकर भूनकर दलिया बना ले| अजवाइन 20 ग्राम और सफ़ेद तिल 50 ग्राम भी मिला ले | आवश्यकतानुसार 50 ग्राम दलिया को 400 मीली पानी में डालकर पकायें, स्वाद अनुसार हल्का नमक मिला ले | नियमित रूप से 30 दिन तक सेवन करने से लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015.

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA

स्वास्थ्य स्वर : कान के प़क जाने और मवाद आने की समस्या का घरेलू उपचार...

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल कान के प़क जाने मवाद आने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं, जानकारी के लिये संदेश सुने| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये दिये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015. (AR)

Posted on: Mar 07, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA

वनांचल स्वर: कान दांत के दर्द की औषधि...

ग्राम-हिटारकसा, ब्लॉक-भानुप्रतापपुर, जिला-उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से वीर सिंह पटेल बताते हैं कि उन्हें जंगल से औषधि मिलती है। वीर सिंह पटेल एक परंपरागत वैद्य हैं। जंगल से उन्हें कान के दर्द और दांत के दर्द की दवाई मिलती है। छीन्द के पेड़ की छाल कान दर्द के इलाज के लिए शर्तिया दवाई है। उसे कूट कर लगाने पर सूजन भी कम हो जाती है।

Posted on: Mar 06, 2021. Tags: CG KANKER VANANCHAL SWARA VEERSINGH PATEL

स्वास्थ्य स्वर : हाथी पाँव रोग का औषधीय प्रयोग-

ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल हाथी पाँव रोग का औषधी के प्रयोग के बारे में बता रहे हैं, आक की जड़ को कांजी के साथ पीसकर लेप बना ले इससें अत्यधिक लाभ होता है|2 बलियारी कंघी मूल चूर्ण और दूध के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है| हंजी, पिपली, पाठा, छोटे कटेरी, चित्रक मूल, जीरा, नागर मोठा इन सबको मिलाकर चूर्ण बना ले और गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से लाभ हो सकता है| संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं| संपर्क नंबर@9826040015. (184277) GT

Posted on: Mar 05, 2021. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIA

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