मेरा मुल्क मेरा देश, मेरा ऐ वतन, शान्ति का उन्नति का प्यारा चमन...देशभक्ति गीत
ग्राम-बटई, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं:
मेरा मुल्क मेरा देश, मेरा ऐ वतन-
शान्ति का उन्नति का, प्यारा चमन-
इसके वास्ते निसार है, मेरा तन मेरा मन-
ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन, जाने मन-
अपने इस चमन को, स्वर्ग हम बनायेंगे-
कोना-कोना अपने देश को सजायेंगे...
Posted on: Apr 03, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीत की, रीति हमें सिखलाती है...कविता
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक कविता सुना रहे है:
चिड़िया बैठी प्रेम प्रीत की, रीति हमें सिखलाती है-
वह जग के बन्दी मानव को, मुक्ति मन्त्र बतलाती है-
वन में जितने पक्षी है, खंजन कपोत चातको की-
साख हंस आदिवास, करते सब आपस में हिलमिल-
उनके मन में लोभ नही, पाप नहीं परवाह नही-
जग का सारा माल हड़पकर, जीने को भी चाह नही-
जो मिलता है अपने श्रम से, उतना भर लेते है-
बच जाता है औरो के हित, उसे छोड़ देते है...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
जब से भारत हुआ है आजाद रे...आजादी गीत
ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासकखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक आजादी गीत सुना रहे है:
जब से भारत हुआ है आजाद रे-
जागो देश के जवान रे-
कहीं निकल न जाए-
फिर से भारत की शान रे-
घर की लड़ाई में-
लोगो का सिर है फूटा-
जब से भारत हुआ है आजाद रे...
Posted on: Apr 02, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
एक दिन जंगल में राजा रास्ता भटक गया, जब छोटे से बालक ने रास्ता दिखाया...कहानी
एक दिन राजा जंगल में शिकार करने जा रहा था जाते जाते बहुत दूर निकल गया, उसे एक भी शिकार नही मिला, एक छोटा सुंदर सा खरगोश मिला उसी खरगोश को मार कर ला रहा था, राजा रास्ता भटक गया. वही पास में एक झोपड़ी था वही झोपड़ी में एक बालक कबूतरों को खाना खिला रहा था, राजा ने उसी बालक से रास्ता पूछा बालक बोला मुझे दो रस्ते मालूम है, राजा बोला मुझे एक ही रस्ते से जाना है फिर बालक बोला मेरे पास दो रास्ते है, अंत: राजा बोला ठीक है बताओ। बालक बोला पहला रास्ता स्वर्ग दूसरा नर्क, जो तुम खरगोश मार कर ला रहे हो वह नर्क और मै कबूतरों को खाना खिला रहा हूँ वह स्वर्ग, अब तुम्हे कौन से रास्ते पर जाना है तुम खुद ही चुन लो.
